रायपुर-खुर्द में पिछले एक हफ्ते में कई लोग बीमार पड़े हैं। 17 जून से लेकर शुक्रवार तक दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों बीमार हैं। कुछ लोग जीएमसीएच 32 में दाखिल हैं।
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स्थानीय सरपंच व पंच का कहना है कि उन्होंने 15 दिन पहले बीडीओ से दूषित पानी की शिकायत दी थी, लेकिन अब तक जांच के लिए कोई नहीं आया है। इससे हालत बद से बदतर होती जा रही है। बीमारों में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं।
हाउस नंबर 339 के तुलसीदास की मौत हुई
रायपुरखुर्द के हाउस नंबर 339 में रहने वाले विनोद कुमार ने बताया कि उनके पिता तुलसीदास की 17 जून को तबियत खराब हो गई। लगातार दस्त और उल्टी शुरू हो गई। ब्लड प्रेशर नीचे आ गया। उन्हें जीएमसीएच 32 ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले उन्होंने दम तोड़ दिया। विनोद के मुताबिक पानी में पिछले कई दिनों से बदबू आ रही है और 15 जून से पहले उनके पिता पूरी तरह से ठीक थे।
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हाउस नंबर 55/1 के आसिम की पत्नी बीमार
रायपुरखुर्द में ढाबा चलाने वाले आसिम ने बताया कि 18 जून को उनकी पत्नी को उल्टी और लूज मोशन शुरू हो गया। पहले केमिस्ट शॉप से दवा लेकर आए, लेकिन नहीं सुधार नहीं हुआ। रात में ही जीएमएसएच 16 ले गए। वहां से उन्हें पीजीआई रेफर कर दिया गया। आसिम की पत्नी का भी ब्लड प्रेशर नीचे आ गया था। अब उनकी पत्नी ठीक हो गई, लेकिन वे रायपुर-खुर्द में रहने के बजाए अपने मायके सेक्टर 18 में रह रही है। आसिम अब बाजार से खरीदकर पानी पी रहे हैं।
हाउस नंबर 115 की पुष्पा देवी की मौत
पानी की दिक्कत है। कुछ लोग बीमार भी हुए हैं
हाउस नंबर 115 की रहने वाली पुष्पा देवी की भी कुछ ऐसे लक्षणों के साथ मौत हुई है। उनके बेटे हरजीत सिंह ने बताया कि 17 जून की रात को उनकी मां को दस्त और उल्टियां शुरू हो गईं। उन्हें जीएमसीएच 32 लेकर गए, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुष्पा देवी का भी ब्लड प्रेशर काफी कम था। गुरजीत के भाई, उनकी बहन और बेटी भी बीमार पड़ गईं। गुरजीत के भाई हरजीत सिंह ने बताया कि वे भी आज ही अस्पताल से छुट्टी लेकर आए हैं।
इन घरों के लोग भी बीमार
हाउस नंबर 76 के दुनीचंद अपनी बेटी से मिलने उसके घर आए थे। यहां आते ही वे बीमार पड़ गए और उन्हें भी अस्पताल के चक्कर लगाने पड़े। इसी तरह से हाउस नंबर 76 में रहने वाले ओमप्रकाश को भी दस्त और उल्टियां शुरू हो गईं। पहले उन्हें जीएमएसएच 16 में एडमिट कराया, वहां से पीजीआई और फिर जीएमसीएच 32 में दाखिल कराया गया।
कोट
यहां पर पानी की दिक्कत है। कुछ लोग बीमार भी हुए हैं और दो लोगों की मौत हो गई है। इस बारे में कई बार शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
लक्ष्मण सिंह, सरपंच, रायपुरखुर्द
कोट
15 से 20 दिन पहले बीपीओ को दूषित पानी की शिकायत दी थी। किसी ने सुनवाई नहीं की। यदि उसी दिन एक्शन ले लिया जाता तो कोई भी अनहोनी नहीं होती। अब लोग बीमार हैं या नहीं, इस बारे में बताना मुश्किल होगा। लेकिन पानी की दिक्कत है
डा. रंजीत सिंह धीमान, पंच रायपुरखुर्द
कोट
सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची है। जांच चल रही है। डिटेल इन्वेस्टीगेशन चल रही है। पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। उसके बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकता है।
डा. गौरव अग्रवाल, एंटी मलेरिया अधिकारी चंडीगढ़
जल्दी-जल्दी दस्त होना।
पेट में तेज दर्द होना।
पेट में मरोड़ पड़ना।
उल्टी आना।
बुखार होना।
कमजोरी महसूस होना।
कैसे बचें
डायरिया के रोगी की देखभाल करने के बाद हाथ व उपयोग में लाई गई अन्य चीजों को अच्छी तरह साफ करें।
बच्चों को घरों में टॉयलेट से आने की स्थिति में साबुन से हाथ धोने के लिए कहें
बरसात में फल और सब्जियों का इस्तेमाल करने से पहले उसे अच्छी तरह से धो लें
कच्चे दूध में बैक्टीरिया होने की आशंका अधिक होती है, इसलिए उबालकर प्रयोग में लाएं
फलों का ताजा जूस ही पीएं। इस बात का ख्याल रखें कि वह साफ-सुथरा हो
जब आप ट्रेवल कर रहे हों तो फुटपाथ पर खाने-पीने से बचें। टेप वॉटर से बनी बर्फ का इस्तेमाल बिल्कुल न करें।
बरसात के मौसम में पानी के प्रदूषित होने की आशंका बहुत अधिक होती है। ऐसे में संभव हो तो पानी को उबाल कर ही पीएं। जेब को देखते हुए मिनरल वॉटर एक स्वस्थ विकल्प है।
घरेलू देखभाल
पानी की कमी को दूर करने के लिए थोड़े अंतराल पर चीनी और नमक का घोल लेते रहें
ध्यान रहे, डायरिया में दूध बिल्कुल न पीएं। यह इसे और अधिक बढ़ा देता है
खाने में वसायुक्त चीजें शामिल न करें
खाने में केला, चावल, एपल सॉस और टोस्ट का इस्तेमाल करें
अल्कोहल लेने से बचें और मसालेदार खाना बिल्कुल न खाएं
पानी को उबाल कर पीएं।
तुरंत डाक्टर को दिखाएं।