सीएम प्रकाश सिंह बादल का संगत दर्शन प्रोग्राम
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संगत दर्शन प्रोग्राम के दौरान सीएम बादल ने जहां सीसीएल मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी, वहीं उड़ता पंजाब के सवाल पर भड़क गए। बादल ने कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) पर प्रधानमंत्री मोदी से दखल देने की मांग की है। सीएम वीरवार को नकोदर में संगत दर्शन के दौरान पत्रकारों से खास बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि उन्होंने मंगलवार को पीएम नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली से मिलकर इसको तत्काल हल करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि इसको जल्द हल किया जाएगा। सीएम बादल ने कहा कि इस बारे में राज्य की तरफ से वहन किए गए खर्च और केंद्रीय एजेंसियों के भुगतान में बड़ा अंतर है। इसलिए उनको मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
सीएम बादल ने फिर पंजाबियों को आह्वान किया है कि वह पानी के लिए अपनी कुर्बानी देने के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि पानी पंजाब की जान है। यह फसल से लेकर हर काम में उपयोगी है। इसलिए लोग पानी के लिए अपनी कुर्बानी देने के लिए तैयार रहें। इस दौरान नगर काउंसिल के प्रधान आदित्य मनु भटारा, जिला भाजपा प्रधान दीपक शर्मा, भाजपा नेता मनोज शर्मा, पार्षद रमेश सोंधी और पार्षद पति बलदेव बब्बू मौजूद रहे।
‘बीबा जे तूं कहंदी हैं तां मैं देख लवांगा फिल्म’
पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल
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सीएम बादल ने फिल्म उड़ता पंजाब में सूबे की छवि को खराब करने की निंदा की। पत्रकारों से खास बातचीत के दौरान एक वरिष्ठ महिला पत्रकार ने उनसे पूछ लिया कि बादल साहब क्या आपने फिल्म उड़ता पंजाब देखी है, तो सीएम बोले कि बीबा मैं थिएटर तां जांदा ही नहीं, ना ही मैं फिल्मां देखदा हां।
महिला पत्रकार ने फिर सवाल किया कि फिल्म को लेकर इतना बवाल खड़ा हो गया, आपने देखी ही नहीं, तो बादल ने तत्काल कहा कि बीबा जे तूं कहंदी हैं तां मैं देख लवांगा फिल्म, तुस्सी चंडीगढ़ आ जाओ इकट्ठे बैठके देखांगे फिल्म।
बादल ने यह कटाक्ष महिला पत्रकार को किया तो तत्काल साथ खड़े सीपीएस गुरप्रताप सिंह वडाला भी बोले उठे कि यह सब साजिश है, उड़ता पंजाब पंजाबियों को बदनाम करने के लिए तैयार की गई है।
सीएम ने कांग्रेस की ओर लगाए जा रहे दरबार को बताया ड्रामेबाजी
पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल
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कांग्रेसी नेताओं की ओर से लोगों की समस्याएं सुनने के लिए लगाए जा रहे दरबार को मुख्यमंत्री बादल ने ड्रामेबाजी करार दिया। उन्होंने कहा कि खुद की सरकार के समय यह नेता लोगों की समस्याओं को सुनने से परहेज करते रहे। अब विधान सभा चुनाव नजदीक आ गए हैं तो इन कांग्रेसी नेताओं को लोगों की याद आ गई है।
सीएम ने वीरवार को नकोदर के गांव हेरां समेत पांच गांवों के लोगों की समस्याएं सुनीं। साथ ही उनको निपटारे के आदेश भी दिए। उन्होंने जालंधर नकोदर बाईपास का उद्घाटन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के मुख्यमंत्री अपनी हाईकमान की कठपुतली की तरह काम करते हैं।
कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों ने पंजाब के हितों की जरा भी परवाह नहीं की। इन नेताओं ने तो हरियाणा और राजस्थान को गैर कानूनी ढंग से पंजाब के दरियाओं के पानी दिए जाने पर भी चुप्पी साधे रखी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दरियाई पानी को राज्य से अलग करना चाहती हैं।