मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने बड़े उत्साह के साथ प्रोग्रेसिव पंजाब एग्रीकल्चर समिट आयोजित करने की योजना बनाई थी, लेकिन मौसम ने उनके जोश और मंसूबों पर ब्रेक लगा दिया।
इस समागम में पचास हजार लोगों को जुटाने की योजना बनाई गई थी, लेकिन अब समागम में ज्यादा से ज्यादा दस हजार लोग ही शामिल हो सकेंगे। क्योंकि बारिश से मची तबाही के चलते ऐन मौके पर आयोजन स्थल बदलना पड़ा।
दो महीने पहले प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टमेंट प्रमोशन समिट के समापन के दौरान बादल ने एग्रीकल्चर समिट कराने का ऐलान किया था।
उन्होंने तब कहा था कि यह इन्वेस्टमेंट प्रमोशन समिट से भी ज्यादा भव्य आयोजन होगा। मुख्यमंत्री ने समागम में किसानों, विशेषज्ञों, कंपनी प्रतिनिधियों समेत करीब एक लाख लोगों को जुटाने की योजना बनाई थी।
क्योंकि यह लोकसभा चुनाव से पहले होना था, लेकिन उसके बाद मेहमानों की लिस्ट पचास हजार पर सिमट गई थी। इस समिट के इंतजाम में जुटी सरकारी मशीनरी ने पूरी ताकत चप्पड़चिड़ी में झोंक दी।
आखिर में सारे आकलन के बाद 25 हजार लोगों के हिसाब से पंडाल तैयार किया गया था। स्टेज से लेकर मेन पंडाल तक, सब वाटरप्रूफ था।
शुक्रवार शाम सात बजे अधिकारियों ने पंडाल का जायजा लेकर आखिरी फेरबदल कराए और संतुष्ट होकर लौट गए। रात साढ़े नौ बजे शुरू हुई तेज बारिश ने सारी तैयारियों पर पानी फेर दिया।
शनिवार दोपहर मुख्यमंत्री बादल ने मौके पर जाकर जायजा लिया। फिर समागम नई फल और सब्जी मंडी में कराने का फैसला लिया गया।
जबकि, प्रदर्शनी और टेक्निकल सेशन चप्पड़चिड़ी में ही होंगे, लेकिन मंडी में सिर्फ दस हजार लोग ही बैठ सकते हैं। इसलिए वहां दूसरे राज्यों से आने वाले करीब पांच हजार किसानों के अलावा नजदीकी जिलों के किसान ही समागम में शामिल हो सकेंगे।
बाकी जिलों के किसानों को सीधे प्रदर्शनी ले जाया जाएगा। सीएम सुबह चप्पड़चिड़ी पहुंच कर वीवीआईपी का स्वागत करेंगे। प्रदर्शनी के उद्घाटन के बाद वीवीआईपी उनके साथ ही समागम स्थल पहुंचेंगे।