फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंजाब में मौसम की मार, तरनतारन में 40 हजार एकड़ गेहूं की फसल बिछी, सीएम ने दिए गिरदावरी के आदेश

Fri, 06 Mar 2020 09:43 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
बारिश से बिछी गेहूं की फसल।
विज्ञापन

पंजाब में शुक्रवार को दिन भर रह-रह कर बारिश होने और उसके बाद चली तेज हवा से किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। बारिश और ओलावृष्टि से कई जिलों में फसलों को भारी नुकसान की खबर है तो वहीं कई जगह पर हल्की बारिश हुई है। जिससे कुछ फसलों को फायदा पहुंचेगा।

विज्ञापन


कैप्टन ने विशेष गिरदावरी के दिए आदेश
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए शुक्रवार को विशेष गिरदावरी के आदेश जारी किए। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि सभी डिप्टी कमिश्नरों को प्राथमिक मूल्यांकन रिपोर्ट सोमवार तक जमा करवाने के लिए कहा गया है। 

मुख्यमंत्री ने फसलों को हुए नुकसान का पता लगाने के लिए तुरंत कदम उठाने को कहा है ताकि इसके एवज में किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जा सके। प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने वित्त कमिश्नर (राजस्व) को निर्देश दिए हैं कि बारिश और ओलावृष्टि को देखते हुए वह सभी डिप्टी कमिश्नरों को अपने-अपने जिलों में विशेष गिरदावरी करवाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करें। 
विज्ञापन


कैप्टन ने राजस्व मंत्री, वित्त कमिश्नर (राजस्व), सभी डिवीजनल कमिश्नरों और डिप्टी कमिश्नरों के अलावा राजस्व अधिकारियों को कहा है कि वह जमीनी स्तर पर फसल का हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों का व्यापक दौरा करें।

पटियाला में भी बारिश ने मचाई तबाही
पटियाला जिले में कुछ जगह गेहूं की फसल गिर गई हैं तो कई जगह गेहूं के पौधों की जड़ें हिल गई हैं। माहिरों के मुताबिक जिले में गेहूं का झाड़ 15 फीसदी कम रहने का खतरा है। 

मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक बाद जिले में शाम तक 3.4 मिलीमीटर बारिश हुई है। जबकि अधिकतम तापमान 20.2 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं गुरुवार को अधिकतम तापमान 25.2 डिग्री था। इस तरह से पारे में 5.5 डिग्री की गिरावट देखी गई। 

पारे में गिरावट कारण मौसम में आई ठंडक के चलते लोगों ने एक बार फिर से गर्म कपड़े पहन लिए हैं। लेकिन इस मौसम ने किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। भारतीय किसान यूनियन (डकौंदा) के किसान नेता जगमोहन सिंह के मुताबिक तेज बारिश व साथ में तेज हवा कारण गेहूं के पौधों की जड़ें हिल गई हैं। जाएंगी, जिसका सीधा असर झाड़ पर पड़ेगा। इससे झाड़ 15 फीसदी कम रहने की आशंका है।

बारिश और ओलावृष्टि ने फेरा किसानों की मेहनत पर पानी

तरनतारन में तेज बारिश और ओलावृष्टि ने जहां मौसम में ठंडक बढ़ा दी है, वहीं हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो गई है। खडूर साहिब भारी ओलावृष्टि के कारण करीब 40 हजार एकड़ गेहूं की फसल बिछ गई है। इससे झाड़ कम होने की संभावना जताई जा रही है। जिले में कुल रकबा 2.15 लाख हेक्टेयर है। 

1.82 लाख हेक्टेयर पर गेहूं की बीजाई की गई है। इसके अलावा खवासपुर, चोहला साहिब, खडूर साहिब क्षेत्र में सब्जियों की काश्त होती है जबकि पशुओं के चारे के लिए भी किसानों ने हर खेत से कुछ हिस्सा रखा होता है। गुरुवार रात को 10 बजे के करीब भारी ओलावृष्टि हुई। इसके बाद भारी बारिश का सामना करना पड़ा। 

बारिश के कारण खेमकरन, वल्टोहा, खालड़ा, भिखीविंड, सुरसिंह, सूरविंड, घरियाला, कोटबुडा, हरिके पत्तन के क्षेत्र में ओलावृष्टि से गेहूं की फसल प्रभावित हुई। पट्टी व तरनतारन सब डिवीजन के क्षेत्र में भारी बारिश का असर गेहूं पर पड़ा। कस्बा झब्बाल के गांव भूसे, गहरी, चीमां, नौशहरा ढाला, बघियाड़ी, गंडीविंड, चाहल समेत दो दर्जन गांवों में हजारों एकड़ फसल खराब हो गई है।

किसान बलजीत सिंह, नंबरदार जसबीर सिंह, सुलक्खन सिंह, गुरजीत सिंह बारा, नंबरदार राम सिंह, शैरी नंबरदार, नंबरदार गुरदेव सिंह रांझा, मेजर सिंह भोला, सुखपाल सिंह भुल्लर, जोबनजीत सिंह, कुलविंदर सिंह, लखबीर सिंह व अवतार सिंह ने बताया कि गत वर्ष जब धान की बीजाई की थी तो ओलावृष्टि के कारण फसलें बर्बाद हुई थीं। अब तैयार होने पर आई गेहूं की फसल पर बारिश और ओलावृष्टि का कहर बरपा है।

दो वर्ष पहले हुए नुकसान का अब तक नहीं मिला मुआवजा

- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांव सेरों, ढोटियां, उस्मां, तुड़, जामाराय, कोट मोहम्मद खां, मुंडापिंड, डेहरा साहिब, सरहाली कलां, नौशहरा पन्नुआं के क्षेत्र में भी किसानों की फसल प्रभावित हुई है। किसान नेता सुलक्खन सिंह तुड़, प्रगट सिंह जामाराय, जसपाल सिंह ढिल्लों, मंजीत सिंह बग्गू, बलविंदर सिंह, रेशम सिंह ने मांग की है कि ओलावृष्टि और बारिश से प्रभावित फसल का मुआयना कर मुआवजा दिया जाए।

किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि दो वर्ष पहले बेमौसमी बारिश के कारण किसानों की फसलें बुरी तरह से प्रभावित हुई थीं। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर मुआवजा देने का एलान किया था लेकिन अब तक किसानों को मुआवजा नहीं मिला। 

तरनतारन में सबसे अधिक बारिश
जिला कृषि अधिकारी कुलजीत सिंह सैनी ने बताया कि तरनतारन में सबसे अधिक 24.02 एमएम बारिश हुई। पट्टी में 24 एमएम बारिश हुई। सैनी ने बताया कि खडूर साहिब क्षेत्र में केवल तीन एमएम ही बारिश हुई है। यहां ओलावृष्टि का असर हुआ लेकिन फसलें प्रभावित नहीं हुईं।

बारिश ने बदला मौसम का मिजाज, लुढ़का पारा 

जालंधर में भी रुक-रुक हो रही बारिश से मौसम का मिजाज फिर से बदल गया है। वीरवार रात 10 बजे शुरू हुई बारिश रात भर जारी रही। जहां पहले दिन का तापमान 25 डिग्री क्रास कर गया था वह शुक्रवार को 16 डिग्री पर आ गया। मौसम विभाग ने पहले से ही दो दिन बारिश की संभावना जताई थी। 

शुक्रवार सुबह दस बजे अधिकतम तापमान 18 और न्यूनतम 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने आने वाले 24 घंटों में भी आसमान में बादल छाए रहने की संभावना जताई है। अगले सप्ताह में तीन दिन फिर बारिश के आसार हैं।

शहर के कई इलाकोें में जलभराव
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार गुरुवार की शाम करीब 7 बजे से शुरू हुई बरसात रात भर जारी रही। शुक्रवार सुबह कई स्थानों पर हल्की ओलावृष्टि से सरसों की फसलों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। तेज हवा के साथ हुई बरसात से कुछ स्थानों पर गेहूं की फसल खेतों में गिर गई, जिससे पैदावार पर भी विपरीत असर पड़ने की संभावना है। वहीं बरसात रवी की फसलों के लिए लाभदायक मानी गई है। 

गुरुवार दोपहर बाद से ही बादल छा गए और शाम करीब 7 बजे बरसात शुरू हो गई, जो रात भर जारी रही। जिला कृषि अधिकारी मंजीत सिंह ने बताया कि पूरे जिले में सर्वाधिक बरसात अबोहर में 20 मिमी आंकी गई है। फाजिल्का में 10 और जलालाबाद में एक मिमी बरसात हुई है। आंशिक ओलावृष्टि के कारण नुकसान की कोई सूचना नहीं है।

उन्होंने बताया कि बरसात से किसानों को फसलों में एक सिंचाई का फायदा हुआ है। वहीं असिंचित वीरानी क्षेत्रों की फसलों में सरसों, जौ, चना, मेथी, तारामीरा आदि के लिए यह बरसात वरदान साबित होगी। उन्होंने बताया कि इस बरसात के कारण अगले कुछ दिनों तक मौसम में नमी रहेगी जो पिछेती गेहूं के लिए लाभदायक साबित होगी। 

बरसात से शहरी क्षेत्रों में पानी भरने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के अधिकतर इलाकों में अमृत योजना के तहत नई सीवर लाइनें बिछाई जा रही है, जिससे गलियों में कीचड़ फैल गया और सुबह होते ही स्कूलों में बोर्ड परीक्षाएं देने जाने वाले विद्यार्थियों को भी भीगते हुए ही स्कूल जाना पड़ा। बरसात के कारण शहर के ठाकर आबादी, जैन नगरी, मेजर सुरेंद्र चौक सहित कुछ अन्य निचले इलाकों में सड़कों व गलियों में पानी जमा हो गया।

नंगल: मौसम ने ली करवट, बारिश से ठंड बढ़ी
 तेज बारिश के चलते मौसम ने एक बार फिर से करवट ली है। ठंड ने लोगों को गर्म कपड़े एक बार फिर से निकालने को मजबूर कर दिया। सड़कों में भारी मात्रा में पानी जमा होने से राहगीरों के अलावा बारहवीं की परीक्षा दे रहे छात्र-छात्राओं को दिक्कतों से दो चार होना पड़ा। लोगों में इस बात लेकर भी काफी नाराजगी नजर आई कि बरसाती पानी की निकासी की प्रशासन द्वारा कोई ऊचित व्यवस्था नहीं की जा रही। बारिश से किसान खुश है। किसानों का मानना है कि बारिश से गेहूं की फसल को बहुत लाभ होगा।

फिरोजपुर: तेज आंधी से जमीन पर बिछी गेहूं की फसल 

संगरूर में पड़े ओले।
तेज आंधी और बारिश के कारण ममदोट के गांव सवाईके में एक किसान के घर पर सफेदे का पेड़ गिर गया। हादसे में घर की छत और दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। किसान का परिवार बाल-बाल बच गया। पशुओं के कमरे की दीवार और छत गिरने से कई पशुओं को चोटें आई हैं। साथ ही जिले के कई गांवों में गेहूं की फसल बिछ गई।

किसान बेअंत सिंह ने बताया कि गुरुवार रात बारिश के साथ तेज आंधी आई। रात के समय परिवार के सभी सदस्य सो रहे थे कि अचानक उनके घर पर किसी भारी चीज के गिरने की आवाज सुनाई दी। कमरे से बाहर निकलकर देखा तो घर के ऊपर सफेदे का पेड़ गिरा हुआ था। अंधेरे में उन्होंने पशुओं को मलबे के नीचे से निकाला। कई पशुओं को चोटें भी आई हैं। किसान बेअंत सिंह ने बताया कि जिस कमरे में सो रहे थे वो पेड़ की चपेट में नहीं आया। किसान ने बताया कि उसका काफी नुकसान हुआ है।

इसके अलावा बारिश और तेज आंधी के कारण फिरोजपुर, गुरुहरसहाए व मल्लांवाला के गांवों में खेतों में खड़ी गेहूं की फसल बिछ गई। किसान संतोख सिंह और दर्शन सिंह ने बताया कि बारिश के साथ ओले भी पड़े हैं। गुरुहरसहाए के किसान दर्शन ने कहा कि ओलावृष्टि के कारण गेहूं को काफी नुकसान हुआ है। झाड़ कम होने की संभावना है। तेज आंधी के कारण गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई है।

संगरूर: लहरागागा में भारी ओलावृष्टि, बारिश से नुकसान   
लहरागागा में बारिश के साथ जमकर ओलावृष्टि हुई जिससे फसलों को खासा नुकसान पहुंचा है। आलम यह था कि गलियों और सड़कों पर ओलों की चादर बिछी हुई थी। 
विज्ञापन

गांव संगतपुरा के किसान सुखतार सिंह का कहना है कि इस बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। गेहूं की फसल पकने को तैयार थी लेकिन बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी ने किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा दिया है। बारिश व तेज हवाओं के कारण जहां गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई वहीं खेतों में लगी सब्जियों को भारी नुकसान पहुंचाया है। 

दूसरी तरफ, सुबह से लगातार बारिश होने की वजह से शहर के विभिन्न हिस्सों में जलभराव की समस्या पैदा हो गई। शहर के धूरी गेट, कौला पार्क, गुरुनानक कालोनी, प्रेम बस्ती समेत कई स्थानों पर पानी भर जाने के कारण लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

बठिंडा में 19.6 एमएम बारिश 
बठिंडा जिले में गुरुवार देर रात शुरू हुई बारिश शुक्रवार को भी जारी रही। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक और बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अधिकारी राज कुमार ने बताया कि गुरुवार रात को 19.6 एमएम बारिश हुई। शुक्रवार को हुई बारिश शनिवार सुबह तक रिकॉर्ड की जाएगी। शुक्रवार को न्यूनतम 13.0 और अधिकतम 20.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। उन्होंने बताया के अगले दो दिनों तक और बारिश हो सकती है। 

किसान नेता शिंगारा सिंह ने कहा कि आम बारिश से गेहूं की फसल को लाभ मिलेगा। तेज हवा और ओलावृष्टि होती है तो फसल को नुकसान हो सकता है। जिले में अब तक किसी भी तरह से फसल को कोई नुकसान होने का मामला सामने नहीं आया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें