रेलवे भर्ती बोर्ड ग्रुप डी की परीक्षा से पहले ही पेपर लीक करवाने के मास्टर माइंड को पुलिस की साइबर सेल ने गिरफ्तार कर लिया। उसे बुधवार को सेक्टर-17 से दबोचा गया।
उसकी पहचान हरियाणा स्थित सोनीपत निवासी अशोक कुमार के रूप में हुई है। उसने ही पेपर से पहले कुछ परीक्षार्थियों को उनके मोबाइल पर प्रश्नों के जवाब मैसेज कर दिए थे।
मामला पिछले वर्ष आठ दिसंबर का है। साइबर सेल के इंचार्ज जसबीर सिंह को सूचना मिली थी कि रेलवे भर्ती बोर्ड ग्रुप डी की परीक्षा का पेपर लीक हो गया है।
पुलिस ने सेक्टर-46 जीएमएसएसएस में बने परीक्षा केंद्र से छह युवकों को गिरफ्तार किया था। उनके मोबाइल पर प्रश्नों के जवाब आए हुए थे।
गिरफ्तार युवकों में झज्जर निवासी नरेंद्र, कुलदीप, दीपक अहलावत, रोहतक निवासी दीवेंद्र, गुलाब और सोनीपत निवासी दलबीर सिंह शामिल थे। इनके पास से पुलिस को पर्चियां भी बरामद हुईं, जिन पर लिखे उत्तर और उनके मोबाइल पर आए मैसेज एक जैसे थे।
जीएमएसएसएस-46 की प्रिंसिपल सुदेश राघव की शिकायत पर पुलिस ने नरेंद्र, कुलदीप, दीपक अहलावत, दीवेंद्र, गुलाब और दलबीर सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। पूछताछ में उन्होंने मोबाइल पर जवाब भेजने वाले की जानकारी दी थी।
पुलिस टीम तब से इसके मुख्य मास्टर माइंड के पीछे लगी थी। बुधवार को पुलिस ने मुख्य आरोपी सोनीपत (हरियाणा), गनौर के गांव बगाना निवासी अशोक कुमार को सेक्टर-17 से गिरफ्तार किया। सूत्रों के अनुसार अशोक कुमार ने ही पेपर शुरू होने से पहले परीक्षा देने वाले युवकों को मोबाइल से जवाब भेजे थे।
अदालत इस मामले में फरार आरोपी अशोक कुमार के गैर जमानती वारंट जारी कर चुकी है। जांच में पता चला है कि अशोक की कई रेलवे कर्मचारियों से गहरी दोस्ती है। साइबर सेल अशोक से अन्य आरोपियों के बारे में भी पूछताछ कर रही है।
हर प्रतिभागी से लिए थे तीन-तीन लाख
रेलवे भर्ती बोर्ड ग्रुप डी की लिखित परीक्षा का पेपर अशोक कुमार ने सोनीपत में बैठकर ही लीक करवाया था। इसके लिए अशोक कुमार ने हर युवक से तीन-तीन लाख रुपये लिए थे। पकड़े गए आरोपी से साइबर सेल पता करने में लगी है कि आखिर कितने युवाओं से उसने नगदी ली और कितने लोग उसके गिरोह में शामिल हैं।