मौके पर मौजूद कई लोगों ने दावा किया कि मारे गए लोगों की संख्या बहुत अधिक है। सरकार ने कई कटे अंग ब्यास नदी में बहा दिए। मारे गए कई लोग मजदूर थे। कई लोगों का कहना था कि डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने विश्वास दिलाया है कि अगले माह नौकरी देने का काम शुरू हो जाएगा। कुछ लोग सिद्धू पर गुस्सा उतार रहे थे, कई लोग सिद्धू के बारे में कुछ बोलने से बच रहे थे। कुछ लोग हादसे के जिम्मेदार रेलवे विभाग पर कार्रवाई न करने पर नाराजगी जता रहे थे।
हेल्पिंग हेंड्स संस्था ने बांटी सामग्री
हेल्पिंग हैंड्स संस्था ने रेल हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को राशन बांटा। अकाली नेता तलबीर सिंह गिल व गुरप्रताप सिंह टिक्का ने आटा व अन्य समान पीड़ित परिवारों को दिया। गिल ने कहा कि उनकी संस्था हर छह महीने के बाद पीड़ित परिवारों को राशन बांटेगी। इस हादसे में कई परिवारों ने अपने कमाने वाले सदस्य खो दिए हैं। इन परिवारों की मदद के लिए संस्था में शामिल सदस्यों ने हर संभव मदद करने का निर्णय लिया है।