जिलेभर में अभी तक 4310 किसानों को कर्फ्यू पास जारी किए गए हैं, ताकि किसान कर्फ्यू दौरान खेतों से अपनी गेहूं फसल काटकर खरीद मंडियों में ला सके। मंडियों में तकरीबन 2419 मीट्रिक टन गेहूं पहुंची है, जबकि 1083 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। खरीद मंडियों में सामाजिक दूरी का खास ध्यान रखा जा रहा है। यह जानकारी डिप्टी कमिश्नर कुलवंत सिंह ने दी।
डीसी कुलवंत सिंह ने बताया कि गेहूं खरीद के मंडियों में पूरे प्रबंध किए जा चुके हैं। कोरोना वायरस के चलते मंडियों में सैनिटाइजेशन करवाया जा रहा है। किसानों को मास्क और सैनिटाइजर बांटे गए हैं। जिले के लगभग 4310 किसानों को कर्फ्यू पास जारी किए गए हैं। किसानों को कर्फ्यू पास जारी करते हुए बताया गया है कि किस दिन उन्हें गेहूं की फसल लेकर मंडी में पहुंचना है, ताकि मंडियों में लोगों की भीड़ न लग पाए।
जिला प्रशासन की ओर से मंडियों में किसानों के पीने के लिए पानी और शौचालय का भी बंदोबस्त किया गया है। जिले की मंडियों में अभी तक 2419 मीट्रिक टन की आवक हुई है, जबकि 1083 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। इनमें पनग्रेन ने 58 मीट्रिक टन, मार्केफेड ने 295, पनसप ने 50, पंजाब वेयरहाउस ने 628 तथा एफसीआई ने 52 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की है।
खाईफेमीकी में किसानों व आढ़तियों को नहीं मिले कर्फ्यू पास
किसान गुरमीत सिंह व सुरजीत सिंह ने बताया कि खाईफेमीकी में किसानों और आढ़तियों को कर्फ्यू पास जारी नहीं किए गए हैं। किसानों को 50 क्विंटल से अधिक गेहूं लाने की छूट दी जाए, तभी गेहूं खरीद का कार्य जल्दी खत्म हो सकेगा और किसान अगली फसल की तैयारी कर पाएंगे। किसानों का कहना है कि एक कर्फ्यू पास में एक टाइम पर सिर्फ किसान पचास क्विंटल गेहूं मंडी में बेचने के लिए ला सकता है, ऐसा करने से किसानों को बहुत परेशानी झेलनी पड़ेगी। मौसम भी खराब हो रहा है।
डिप्टी कमिश्नर अरविंद पाल सिंह संधू ने बताया कि जिले में गेहूं खरीद के लिए 117 खरीद सेंटर स्थापित किए हैं। इस बार मंडियों में नौ लाख ग्यारह हजार मीट्रिक टन गेहूं आने की संभावना है। मंडियों को सैनिटाइज किया जा रहा है। किसानों के पीने के पानी का बंदोबस्त किया है। किसी भी किसान को गेहूं बेचने में कोई दिक्कत नहीं आएगी।
डिप्टी कमिश्नर ने यह भी बताया कि इस बार नौ लाख 11 हजार मीट्रिक टन जिले की मंडियों में गेहूं आने की संभावना है। जबकि पिछले साल आठ लाख 79 हजार मीट्रिक टन गेहूं की आमद हुई थी। गेहूं की सुचारु खरीद के लिए जिले में 117 खरीद केंद्र स्थापित किये गए हैं, जिन में 3 मुख्य अनाज मंडियां (फाजिल्का, अबोहर और जलालाबाद), 9 सब यार्ड, 84 गांव स्तर पर स्थित अनाज मंडी के अलावा 21 राइस मिल्ज शामिल हैं।
संगरूर: पास बनाने में भेदभाव करने का आरोप
एडीसी राजेश त्रिपाठी तथा एसडीएम मनजीत कौर ने नई अनाज मंडी का दौरा करके गेहूं के खरीद प्रबंधों का जायजा लिया। इस दौरान एफसीआई के अधिकारियों को उचित ढंग से गेहूं खरीदने के आदेश दिए गए और सभी से सामुदायिक दूरी बनाए रखने की अपील की। मंडी के कुछ आढ़तियों व मजदूरों ने एडीसी के समक्ष उनके गेट पास नहीं बनने की शिकायत की।
आढ़तियों ने कहा कि भेदभाव की नीति के चलते उनके पास नहीं बनाए गए हैं। एडीसी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि पास जरूर बनेंगे। उन्होंने कहा कि किसान सूखा गेहूं ही मंडी में लाएं, आरंभिक दौर में कुछ दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन जल्द सभी मुश्किलों को दूर कर लिया जाएगा। सुनाम अनाज मंडी में 27 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। इस मौके पर तहसीलदार कुलदीप सिंह व अमित कुमार, चेयरमैन मुनीष सोनी, आढ़ती ऐसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश काला आदि हाजिर रहे।
एसएसपी राजबचन सिंह संधू ने शुक्रवार को अनाज मंडी मुक्तसर और बरीवाला का दौरा कर किसानों व आढ़तियों के काम का जायजा लिया। साथ ही सभी से सामाजिक दूरी बनाकर रखने की अपील की। एसएसपी ने कहा कि किसानों को दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। सभी किसानों को पास बनाकर दिए जाएंगे। मंडियों में किसानों की सहायता के लिए पुलिसकर्मी भी तैनात रहेंगे। किसानों को अगर कोई दिक्कत आती है तो हेल्पलाइन नंबर 112 या 80543-70100 पर संपर्क कर सकते हैं।
लंबी और मलोट हलके के कई गांवों में ओलावृष्टि
मुक्तसर में जहां शुक्रवार को सुबह से शाम तक धूंप-छांव की आंखमिचौली जारी रही। वहीं देर शाम आसमान पर काले बादल मंडराते नजर आए। मलोट व लंबी हल्के के कई गांवों में बरसात व ओलावृष्टि भी हुई। जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें नजर आने लगीं। मुक्तसर में जहां कुछ देर बारिश की हल्की फुहारें पड़ी। वहीं गांव लंबी, महिणा, भागू, वणवाला में ओलावृष्टि भी हुई।
इस समय किसानों की गेहूं की फसल पककर तैयार खड़ी है। कई जगह कटाई शुरू हो भी चुकी है तो कई जगहों पर किसान पकी हुई फसल काटने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में बारिश व ओलावृष्टि किसानों के लिए अच्छा संकेत नहीं है। मौसम के बदलते मिजाज के कारण किसान परेशान दिखाई देने लगे हैं। किसान जुगराज सिंह, दिलावर सिंह व नछत्तर सिंह का कहना है कि गेहूं की फसल पककर तैयार है। इस बार पहले ही कर्फ्यू के चलते उन्हें दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। अब अगर बारिश हो जाती है तो फसलों का बेहद नुकसान हो जाएगा।