कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर गुरुवार को पंजाब-हरियाणा में 130 स्थानों पर किसानों ने रेलवे ट्रैक जाम किया। इस कारण दोनों प्रदेशों में 29 ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। हांलाकि इसका ज्यादा व्यापक असर नहीं रहा। हरियाणा में दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक 80 स्थानों पर किसान रेलवे ट्रैक पर बैठे। इससे 22 ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ।
वहीं पंजाब में 50 स्थानों पर किसानों ने रेलवे ट्रैक पर धरना दिया। इससे सात ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। रेलवे ट्रैक जाम शांतिपूर्ण रहा और कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। किसानों ने यात्रियों की सुविधा के लिए लंगर की व्यवस्था भी की थी।
हरियाणा के जीटी बेल्ट में रेल रोको आंदोलन के तहत छह जिलों में सात जगह किसानों ने ट्रैक पर धरना दिया। किसानों ने करनाल में घरौंडा रेलवे स्टेशन पर ट्रैक जाम किया। इससे पांच यात्री ट्रेनें प्रभावित हुईं। प्रभावित होने वाली ट्रेनों में पुरानी दिल्ली-फाजिलका, नांदेड़-चंडीगढ़ सचखंड एक्सप्रेस, बांद्रा-अमृतसर, अमृतसर-बांद्रा और कुरुक्षेत्र से खजुराहो के बीच चलने वाली गीता जयंती एक्सप्रेस शामिल रहीं।
अंबाला में किसानों ने अंबाला-नई दिल्ली रेलवे ट्रैक जाम कर दिया। शाहपुर फाटक पर लगभग 500 से अधिक किसान रेलवे ट्रैक पर डटे रहे। आंदोलन की वजह से रेलवे ने ट्रेनों का आवागमन रोक दिया और उन्हें बीच रास्ते के बड़े रेलवे स्टेशनों पर खड़ा कर दिया। इसमें छावनी जंक्शन से निकलने वाली पश्चिम एक्सप्रेस और जयनगर-अमृतसर शामिल रहीं।
पानीपत में किसानों टीडीआई पुल के नीचे रेलवे ट्रैक जाम कर दिया। इससे पश्चिम एक्सप्रेस चार घंटे तक पानीपत स्टेशन पर ही खड़ी रही। इसके अलावा रेलवे कर्मियों के लिए चलने वाली स्पेशल ट्रेन एक बजे की जगह 4.30 पर रवाना हुई। यमुनानगर में यमुनानगर-जगाधरी रेलवे स्टेशन पर किसानों ने ट्रैक जाम किया, इस दौरान कोई यात्री ट्रेन तो प्रभावित नहीं हुई लेकिन जगाधरी वर्कशाप में मेंटेनेंस के लिए कोई ट्रेन आ-जा नहीं सकी।
कैथल में किसानों ने कलायत और कैथल रेलवे स्टेशन पर ट्रैक जाम किया लेकिन कोई यात्री ट्रेन प्रभावित नहीं हुई। कुरुक्षेत्र जंक्शन पर किसानों ने रेलवे ट्रैक जाम किया। इससे अप-डाउन की पश्चिम एक्सप्रेस, सचखंड एक्सप्रेस, गीता जयंती एक्सप्रेस, इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ।
रोहतक जिले में लाहली, सांपला और लाखनमाजरा में ट्रैक जाम किया गया। वहीं सोनीपत जिले में सोनीपत व गोहाना रेलवे स्टेशन के ट्रैक पर किसानों ने विरोध जताया। गोहाना में ट्रैक जाम करने से एक भी ट्रेन प्रभावित नहीं हुई, जबकि सोनीपत में दिल्ली-अंबाला लाइन जाम करने से पांच ट्रेनें प्रभावित हुईं।