हरियाणा में वर्षों से अटकी रेल परियोजनाओं को 1040 करोड़ रुपये के कर्ज से सिरे चढ़ाया जाएगा। हरियाणा सरकार के आग्रह पर एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश बैंक (एआईआईबी) ने कर्ज मंजूर कर दिया है। हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एचआरआईडीसी) की बैठक के बाद गुरुवार को मुख्य सचिव संजीव कौशल ने यह जानकारी दी।
एचआरआईडीसी सात शहरों में रेल कनेक्टिविटी के लिए डीपीआर तैयार कर रही है। इसके साथ ही दो नई ट्रेन चलाने का आग्रह केंद्र सरकार से किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रेल मंत्री से मुलाकात के दौरान करनाल-यमुनानगर रेल लाइन परियोजना को जल्द स्वीकृति देने का आग्रह किया था। मुख्यमंत्री ने हाल ही में केंद्रीय रेल मंत्री को पत्र भी लिखा है।
आईजीआई एयरपोर्ट दिल्ली से महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट, हिसार वाया बिजवासन-गुरुग्राम, बसई-धनकोट, सुल्तानपुर-फरुखनगर झज्जर, अस्थल बोहर-रोहतक, डोभ-भाली, हांसी-हिसार एयरपोर्ट के बीच रेलवे कनेक्टिविटी के लिए एचआरआईडीसी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर रहा है। हिसार-भिवानी-रोहतक-पानीपत-अंबाला होते हुए सिरसा से चंडीगढ़ के बीच सीधी ट्रेन चलाने के लिए उत्तर रेलवे से अनुरोध किया जाएगा।
एचआरआईडीसी का गुरुग्राम में स्थायी प्रधान कार्यालय होगा। सरकार ने सेक्टर-32 में भूखंड आवंटित कर दिया है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया है। चूंकि, 130 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में सोहना से पलवल तक 17 स्टेशनों वाली नई दोहरी रेल लाइन बादली, मानेसर और सोहना से होकर कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे के साथ-साथ चलेंगी