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रेल बजट: चंडीगढ़ के 6 सवाल, चाहिए जवाब

Wed, 09 Jul 2014 10:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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भाजपा सरकार के पहले रेल बजट में चंडीगढ़ के हाथ केवल निराशा ही लगी है। शहर के रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास बनाने की घोषणा 6 साल पहले हो गई थी, लेकिन अभी तक ये काम पूरा नहीं हो सका है। वर्ल्ड क्लास के नाम पर केवल यहां खानापूर्ति ही की जा रही है।
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चंडीगढ़ स्टेशन पर ऐसे कई प्रोजेक्ट्स हैं जो वर्षों से अधर में लटके हैं। इस बार भी जो बजट में घोषणा हुई है, उसमें यही कहा गया है कि देश के 10 स्टेशन को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप से अपग्रेड कर एयरपोर्ट की तरह बनाया जाएगा। इन स्टेशनों में चंडीगढ़ भी शामिल है। हालांकि पहले भी इस तरह की घोषणाएं हुई हैं, लेकिन हर बार योजनाएं कागजों में रह जाती हैं।

सिर्फ नाम का एस्केलेटर
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर लगा एस्केलेटर पूरे दिन में कुछ ही घंटे चलता है, जबकि बाकी समय इसे बंद ही रखा जाता है। दूसरा इसे जिस जगह लगाया गया है, वहां यात्रियों का आना-जाना बेहद कम होता है। अब प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर भी बाहर की तरफ एस्केलेटर लगाया गया है, लेकिन अभी इसका काम पूरा होने में समय लगेगा।
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ये प्रोजेक्ट हैं अधर में
- मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाना
- बिल्डिंग में फूड कोर्ट, बजट होटल और शापिंग मॉल बनाना
- स्टेशन पर फुट ओवर ब्रिज बनाना
- पार्किंग का विस्तार करना
- प्लेटफार्म की संख्या बढ़ाना
- नए टिकट काउंटर बनाने  

कोट
मेरा मानना है कि ये एक बेहतरीन रेल बजट है, जिसमें सभी पहलुओं को ध्यान में रखा गया है। फिलहाल चंडीगढ़ से ट्रेन कनेक्टिविटी बढ़ाने की इतनी जरूरत नहीं थी। इस समय सरकार की योजना है कि रेलवे का पहले सुधार किया जाए, उसके बाद ही सुविधाओं में विस्तार किया जाएगा।
- किरण खेर, सांसद
 
कोट
हमें इस बार काफी उम्मीदें थी कि उत्तराखंड के लिए ट्रेन कनेक्टिविटी बढ़ेगी, लेकिन बजट ने हमें काफी ज्यादा निराश किया है।
-बीरेंद्र सिंह रावत, चेयरमैन, उत्तराखंड कांग्रेस सेल

कोट
चंडीगढ़ से फिरोजपुर के लिए ट्रेन चलने से लोगों को कुछ तो राहत होगी, लेकिन इससे ज्यादा जरूरी था कि होशियारपुर व जम्मू की तरफ कनेक्टिविटी बढ़ाई जाती। फिरोजपुर के लिए इतना ट्रैफिक नहीं होगा। बजट में चंडीगढ़ को तो पूरी तरह नजरअंदाज ही किया गया है।
-संजीव राणा, सोशल वर्कर

कोट
भाजपा के इस रेल बजट में आम जनता को कुछ नहीं मिला है। चंडीगढ़ को तो रेलमंत्री बिल्कुल ही भूल गए। शहर की सांसद ने भी चंडीगढ़ के लिए कोई प्रयास नहीं किए।
-यादविंद्र मेहता, निवासी सेक्टर-30

कोट
हम पिछले दस साल से मांग कर रहे हैं कि चंडीगढ़ से काठगोदाम, हल्द्वानी, रामनगर, कोटद्वार और ऋषिकेश के लिए ट्रेन सुविधा शुरू की जाए। हर बार सांसद ने हमें केवल आश्वासन दिया है। इस बार भी बजट में हमें कुछ नहीं मिल सका।
-बचन सिंह नगरकोटी, प्रेसीडेंट, कुमांऊ सभा

कोट
इस बार उम्मीदें थी कि पिछले रेल बजट में जो कमी रह गई थीं, वह पूरी होंगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। पिछली बार पवन कुमार बंसल ने तो शहर के लिए काफी सोचा था, लेकिन किरण खेर ने चंडीगढ़ के लिए कोई प्रयास नहीं किए।
डॉ. ओपी वर्मा, चेयरमैन, आरडब्ल्यूए, सेक्टर-20

कोट
देश की रेलवे का ये हाल है कि एयरकंडीशन ट्रेनों में भी चूहे कूदते मिलते हैं। एक बार तो हमारा लगेज भी चूहे ने कुतर दिया था। अब हम ट्रेन में सफर के लिए ज्यादा किराया दे रहे हैं तो और सुविधाएं भी मिलनी चाहिए।
शांति जैन, निवासी, सेक्टर-20

कोट
पिछले बजट में चंडीगढ़-जयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस की घोषणा हुई थी, लेकिन इस बार उस ट्रेन पर विचार भी नहीं हुआ। हम राजस्थान वासियों के लिए चंडीगढ़ से केवल एक ही ट्रेन है जोकि रोजाना नहीं चलती। इस कारण हमें बसों में ही धक्के खाने पड़ते हैं। रेल बजट से कुछ उम्मीदें थी, पर राजस्थानवासियों को कुछ नहीं मिला।
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सतीश आमेरिया, महासचिव, खंडेलवाल समाज
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