उत्तर प्रदेश में एसटीएफ की ओर से पेट्रोल पंपों की जांच के दौरान कई तरह की गड़बड़ी मिलने के बाद पूरे देश में हड़कंप मच गया है। पंजाब सरकार ने भी सूबे के पंपों की चेकिंग शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, पंजाब के फूड सप्लाई विभाग के प्रमुख सचिव की ओर से तीन मई को इस संबंध में आदेश जारी किया गया था। इसके बाद टीमें गठित करके पेट्रोल पंपों की चेकिंग शुरू की जा चुकी है।
प्रमुख सचिव की ओर से जारी पत्र में कहा गया था कि केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस संबंध में निर्देश दिए हैं। जिनमें कहा गया है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया था। जिसमें पुलिस, माप तौल, फूड सप्लाई और ऑयल मार्केटिंग कंपनीज (ओएमसी) के नुमाइंदों को लिया गया था। एसटीएफ ने लखनऊ में कई पंपों की जांच की।
जिसमें सामने आया कि कई जगह कम पेट्रोल व डीजल देकर लोगों को चूना लगाया जा रहा था। डिस्पेंसिंग यूनिट में चिप लगाई गई थीं, जोकि रिमोट से चलती थीं। जिनके जरिए कम पेट्रोल व डीजल दिया जा रहा था। केंद्रीय मंत्रालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि ऐसी ही टीमें गठित करके पेट्रोल पंपों की चेकिंग को विशेष मुहिम चलाई जाए। लगातार अचानक चेकिंग की जाए।
प्रमुख सचिव द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि केंद्रीय मंत्रालय की हिदायतों के बाद टीमें गठित कर दी गई हैं। टीम में एक-एक फूड सप्लाई अफसर, तेल कंपनियों का प्रतिनिधि, पुलिस इंस्पेक्टर और माप-तौल विभाग का इंस्पेक्टर तैनात किया गया है। टीमों को नियमित रूप से राज्य भर के पंपों की अचानक चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं। टीमें साथ ही अपनी रिपोर्ट तेल कंपनियों को सौंपेंगी, जो आगे की कार्रवाई करेंगी।
पंजाब में आठ साल पहले आया था ऐसा मामला
पेट्रोल पंपों की जांच
जानकारी के मुताबिक, पंजाब में आठ साल पहले गुरदासपुर जिले में यूपी की तरह का मामला सामने आया था। जहां पेट्रोल पंप मालिक चिप के जरिए पेट्रोल कम देकर लोगों को धोखा दे रहा था। तभी मुंबई से आई टीमों ने पंजाब भर के व्यापक चेकिंग की थी। किसी और पंप पर ऐसा कुछ नहीं मिला था। पंजाब पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के कार्यकारिणी मेंबर अशविंदर मोंगिया ने कहा कि सूबे में 3280 पंप हैं। नियमित रूप से तेल कंपनियां और माप तौल विभाग चेकिंग करते रहते हैं। अब तक यहां कोई ऐसा मामला सामने नहीं आया।
उत्तर प्रदेश में पेट्रोल पंपों में गड़बड़ मिलने के बाद पंजाब में भी पंपों की चेकिंग शुरू कर दी गई है। इसके लिए फूड सप्लाई, इंडस्ट्री, माप-तौल, पुलिस विभागों और तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों की टीमें बनाई गई हैं।
- केएपी सिन्हा, प्रमुख सचिव, फूड सप्लाई विभाग।