जालंधर में अवैध नशा छुड़ाओ केंद्रों की गिनती बढ़ती जा रही है। ऐसे ही एक केंद्र पर शुक्रवार को सेहत विभाग ने कार्रवाई की है। उसे बंद कर दिया गया है। केंद्र गोराया के जज्जां कलां में चल रहा था। इस अवैध नशा छुड़ाओ केंद्र ले 18 युवकों को मुक्त कराया गया। युवकों जानवरों की तरह रखा गया था। सभी चिट्टा और दूसरे नशों के आदी थे और कई हफ्तों से वहां कैद थे।
नशा छुड़ाओ केंद्र में उन्हें रोजाना पीटा जाता था। पुलिस को मौके से हथियार और कारतूस भी मिले हैं। जैसे ही इसकी जानकारी सेहत विभाग के अधिकारियों को लगी तो उन्होंने पुलिस को साथ लेकर शक्रवार दोपहर बाद सेंटर पर छापामारी की। सेंटर बंद कर दिया गया है और युवकों को छुड़ा लिया गया है। टीम में पीएपी सीएचसी के एसएमओ डॉ. रमन शर्मा ने बताया कि सिविल सर्जन डॉ. गुरिंदर कौर चावला को शिकायत मिलने के बाद उन्होंने कमेटी बनाई थी।
टीम में न्यूरोसाइकेट्रिस्ट डॉ. संजय खन्ना, गोराया की ऑफिशिएटिंग एसएमओ डॉ. जैसमीन कौर, गोराया के नायब तहसीलदार और गोराया के एसएचओ केवल सिंह व पुलिस बल मौजूद था। डॉ. शर्मा ने बताया कि सेंटर के हालात बेहद खराब थे। युवकों को अच्छी खासी चोटें भी आई हैं। अब उनका सिविल अस्पताल में इलाज चलेगा।