यही कारण है कैप्टन अमरिंदर सिंह राहुल गांधी को जलियांवाला बाग के शताब्दी कार्यक्रम में शामिल कर उसका राजनीतिक फायदा लेने का प्रयास करेंगे। बता दें कि इससे पहले गांधी परिवार कई दशकों तक ट्रस्ट पर काबिज रहा है। 2000 में सोनिया गांधी ने जलियांवाला बाग का दौरा किया था। यहां उन्होंने एक जनसभा भी की थी।
पीएम ने पांच वर्षों में शहीद स्थली को नहीं किया नमन : सिद्धू
मंत्री नवजोत सिद्धू ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जलियांवाला बाग नेशनल मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं। लेकिन केंद्र सरकार की अनिच्छा ने हमें कुछ भी करने की अनुमति नहीं दी। प्रधानमंत्री को ट्रस्टी नियुक्त करने में सात महीने का समय लगा।
उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान एक बार भी शहीद स्थली को नमन करने की जहमत नहीं उठाई। चूंकि राष्ट्र जलियांवाला बाग नरसंहार के 100वें वर्ष पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए इकट्ठा होगा।
भारत सरकार ने श्रद्धांजलि कार्यक्रम को फीका करने के लिए पंजाब सरकार के उन सभी प्रस्तावित विकास परियोजनाओं को रोक दिया, जिससे इस पावन भूमि का विकास किया जाना था।
कैप्टन 12 अप्रैल को कैंडल मार्च में लेंगे भाग
जलियांवाला बाग शताब्दी कार्यक्रम 12 अप्रैल को शुरू होगा। इस दिन प्रदेश के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह शाम सात बजे टाउन हाल से जलियांवाला बाग तक कैंडल मार्च की अगुवाई करेंगे। शहीद स्थली जलियांवाला बाग के शताब्दी कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू हिस्सा लेंगे।
उपराष्ट्रपति के साथ पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर के साथ कई गणमान्य शामिल होंगे। राहुल गांधी 13 अप्रैल की सुबह जलियांवाला बाग पहुंचेंगे। वहीं उपराष्ट्रपति का कार्यक्रम दोपहर बाद तीन बजे होना है।