मोहाली राज्य की पहली ऐसी तहसील बन गई है। जहां पर ई-रजिस्ट्रेशन के माध्यम से रजिस्ट्री फीस ऑनलाइन भरी जा सकती है। यह जानकारी डीसी डीएस मांगट ने वीरवार को तहसीलदार मोहाली के दफ्तर की औचक चेकिंग करने के बाद दी। उन्होंने बताया कि ई रजिस्ट्रेशन के माध्यम से लोगों को रजिस्ट्री करवाने के समय से पैसे साथ नहीं लाने पड़ते हैं। उनकी सुरक्षा यकीनी बनी रहती है। इससे लूटपाट की घटनाएं नहीं होती हैं।
डीसी ने बताया कि मोहाली तहसील रजिस्ट्री फीस ऑनलाइन भरने से कैश लेस हो गई है। इसके तहत रजिस्ट्रियां करवाने वाले रजिस्ट्रेशन, कंप्यूटर और इंतकाल फीस का भुगतान घर बैठकर कर पाते हैं। इसके अलावा बैंकों के माध्यम से भी ऑनलाइन फीस जमा करवाकर रजिस्ट्री करवाने के लिए जरूरी दस्तावेज व भरी फीस की रसीद लगाकर रजिस्ट्ररी करवाई जा सकती है।
उन्होंने राजस्व विभाग के समूह अधिकारियों को अपने काम में पारदर्शिता लाने के आदेश दिए। इस मौके पर एसडीएम लखमीर सिंह, नायब तहसीलदार गुरप्रीत सिंह ढिल्लों, अर्जुन सिंह गरेवाल समेत कई अधिकारी मौजूद थे।
पारदर्शिता से होता है काम: तहसीलदार
इस मौके तहसीलदार रविंदर बंसल ने बताया कि मोहाली तहसील में कामकाज पूरी पारदर्शिता से किया जाता है। लोगों के काम को पहल के आधार पर किया जाता है। उन्होंने बताया कि आपसी रिश्तों में अब तक 780 रजिस्ट्रियां तबदील हुई हैं। जिनकी कुल कीमत 288 लाख 73 लाख 15 हजार 220 रुपये है। उन्होंने बताया कि उक्त केसों में लोगों से किसी भी तरह की कोई फीस नहीं वसूली गई। इस कारण लोगों को 27 करोड़ 91 लाख 53 हजार 722 रुपये का लाभ मिला है।