एक प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी के खिलाफ पिछले 35 दिन से हड़ताल के विरोध में चंडीगढ़ के मार्केट बंद रही। इस बंद प्रदर्शन में ज्वेलर एसोसिएशन के साथ चंडीगढ़ व्यापार मंडल, शहर की सभी मार्केट्स एसोसिएशन समर्थन दे रही हैं। इस दौरान लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इससे पहले 8 अगस्त 2003 रेंट एक्ट के खिलाफ चंडीगढ़ बंद हुआ था।
ज्वेलर्स एसोसिएशन के प्रधान ने बताया कि ट्राईसिटी के 700 ज्वेलर्स एक्साइज ड्यूटी वापस लेने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। उनका कहना है कि एक्साइज ड्यूटी तो इंडस्ट्री पर लगती है। ज्वेलरी की मैन्युफेक्चरिंग 12 चरणों से गुजरने के बाद पूरी होती है। ऐसे में इन 12 चरणों पर एक्साइज ड्यूटी लगने से इसे मेंटेन करना उन्हें मुश्किल होगा। एक्साइज ड्यूटी लगने से एक और डिपार्टमेंट उन पर हावी हो जाएगा।
ज्वेलर्स एसोसिएशन के महासचिव के आर महाजन ने बताया कि वित्त मंत्री अरूण के ताजा बयान के अनुसार जेवर पर लक्जरी गुड्स टेक्स में लाना चाहते है। जो कि 18प्रतिशत प्रपोज्ड है। ऐसे में ये टैक्स लगने पर लोगों पर 40प्रतिशत कटौती जेवर में कटौती होनी हुई हो जाएगी।
वहीं, व्यापार मंडल का कहना है कि सिर्फ दवा व्यापारियों को इस बंद में छूट दी गई है। वहीं चंडीगढ़ बिजनेस काउंसिल के अध्यक्ष बलदेव गोयल का कहना है कि वह आभूषण विक्रेताओं की ओर से उठाए गए मुद्दे के साथ हैं, मगर वे व्यापार मंडल की ओर से दी गई बंद की कॉल के साथ नहीं हैं। वहीं, सभी ने एक आवाज में हुंकार लगाई कि उनकी मांगों को नही मानने तक प्रदर्शन जारी रहेगा। चंडीगढ़ ज्वेलर एसोसिएशन के प्रधान राजीव सहदेव ने बताया कि केमिस्ट शॉप, कच्चा सामान, दूध, दही अन्य उत्पादों पर बंद लागू नहीं होगा।