सीएम ने कहा कि बड़ी संख्या में पंजाबी घर लौट रहे हैं और अधिक से अधिक निवेश कर राज्य में अपना कारोबार फिर शुरू करने में रुचि दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा, हम पंजाब में महामारी को और नहीं फैलने देंगे और राज्य अब तक बेहतर ढंग से नियंत्रण करके स्थिति को काबू करने में सफल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे राज्यों और देशों से वापस आ रहे पंजाबियों के यहां लौटने से रोग के फैलाव की संभावना है लेकिन इसकी रोकथाम के लिए राज्य कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रहा, जिसके तहत वापस लौटने वाले हर व्यक्ति की टेस्टिंग और एकांतवास के लिए उचित प्रबंध किए गए हैं।
60 हजार लोगों के पंजाब पहुंचने की उम्मीद
पांच उड़ानें शनिवार को पंजाब पहुंची हैं और विदेश से 88 उड़ानों पर 20,000 लोगों की वापसी की उम्मीद है, जबकि दूसरे राज्यों से 60,000 पंजाबियों के वापस आने की संभावना है। उन्होंने स्पष्ट रूप में कहा, ‘मैं पंजाब में इस रोग को और फैलने नहीं दूंगा।’
प्रवासी मजदूरों ने घर जाने की इच्छा छोड़ी
मुख्यमंत्री ने कामगारों का भी धन्यवाद किया जिन्होंने वापस जाने की बजाय यहां रुक कर पंजाब की आर्थिक मजबूती में अपना योगदान देने का रास्ता चुना। उन्होंने कहा, ‘यह आपका राज्य है और आप इसका हिस्सा हो।’ यह जरूरी है कि उद्योग का कामकाज चले, जिससे रोजगार को सुनिश्चित बनाया जा सके।
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा, ‘जिस ढंग से हम स्थिति पर काबू पा चुके हैं, हमें दोबारा सख्ती से लॉकडाउन की जरूरत नहीं पड़ेगी।’ मुख्यमंत्री ने खुलासा किया कि गृह राज्य में जाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाने वाले प्रवासी मजदूरों में से लगभग आधे मजदूरों ने यहीं रुकने का फैसला किया और उद्योगों में फिर काम करना शुरू कर दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में 2.56 लाख उद्योग में से 1.5 लाख उद्योगों ने काम करना शुरू कर दिया है।
जिम खोलने का फैसला 31 मई के बाद
फीस वसूलने संबंधी कई स्कूलों की तरफ से निर्देशों का पालन न किए जाने पर मुख्यमंत्री ने यह मुद्दा उठाने वाले अमृतसर निवासी को स्कूल संबंधी पूरी जानकारी देने को कहा और इस संबंध में सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार जिम खोलने संबंधी फैसला 31 मई के बाद लिया जाएगा।
एक सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य की कोविड के खिलाफ लड़ाई को ‘मिशन फतेह’ का नाम दिया। उन्होंने कहा कि ‘इस लड़ाई में हमारी भावना और दृढ़ता की झलक दिखाई पड़ती है। खतरनाक वायरस के खिलाफ हम सामाजिक दूरी के नियमों को अपना कर फतेह हासिल करेंगे।’ उन्होंने कहा कि ‘यह राष्ट्रीय जंग है जिसको सामूहिक दृढ़ता के साथ जीता जा सकता है और हम जीतेगें।’