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पंजाब विश्वविद्यालय: पहली बार... चुनाव के 20 दिन बाद भी पुटा अध्यक्ष नहीं बन पाए सीनेट के सदस्य

Wed, 28 Oct 2020 11:44 AM IST
ajay kumar सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • जानकार बोले- सीनेट का हो रहा है सुधार, इसलिए नहीं होगा मनोनयन 
  • चांसलर कार्यालय की ओर से किया जाना है मनोनयन, भेजा जा चुका है प्रस्ताव 
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पंजाब विश्वविद्यालय - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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पंजाब विश्वविद्यालय टीचर्स एसोसिएशन (पुटा) अध्यक्ष अभी तक सीनेट के सदस्य नहीं बन पाए जबकि पुटा चुनाव को 20 दिन हो चुके हैं। पहली बार ऐसा हुआ है कि पुटा अध्यक्ष के सीनेट सदस्य मनोनयन में इतनी देरी हुई है। जानकारों का कहना है कि चांसलर कार्यालय से संकेत मिल चुके हैं कि सीनेट का सुधार होगा। ऐसे में पुटा अध्यक्ष का मनोनयन नहीं किया गया। 

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पुटा का चुनाव 8 व 9 अक्तूबर हुआ था। अध्यक्ष के रूप में नॉन टीचिंग के मृत्युंजय कुमार चुने गए। पुटा अध्यक्ष सीनेट का सदस्य होता है लेकिन इसके लिए चांसलर कार्यालय से अनुमति लेनी होती है। यह केवल औपचारिकता होती है। पीयू से प्रस्ताव जाने के बाद चांसलर कार्यालय चार से पांच दिन में इसकी अनुमति प्रदान कर देता है। इस बार भी इसका प्रस्ताव भेजा गया लेकिन पुटा अध्यक्ष का सीनेट के लिए मनोनयन नहीं हुआ। इसको लेकर पीयू में चर्चाएं आम हैं। 

शिक्षकों को भी अब यकीन आ रहा है कि सीनेट चुनाव होता तो पुटा अध्यक्ष का मनोनयन हो जाता। देरी का कारण यही है कि सीनेट में सुधार होगा। चुनाव होना संभव नहीं लग रहा। केंद्र सरकार के कुछ मंत्री, सांसद और भाजपा नेताओं का पूरा समर्थन मिल रहा है। सूत्रों का कहना है कि एक सीनेटर की मौत होने व दूसरे के इस्तीफा देने के बाद उनकी जगह दो लोगों का मनोनयन चांसलर कार्यालय से रातोंरात हो गया था लेकिन पुटा अध्यक्ष का मनोनयन नहीं हुआ। शिक्षकों ने कहा है कि पुटा को अपने अध्यक्ष को सदस्य बनाने पर अधिक जोर होना चाहिए न कि सीनेट चुनाव पर।

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शिक्षक बोले- पुटा को पत्र देने की क्या थी जरूरत

पीयू के कुछ सीनेटरों ने यूटी प्रशासन को पत्र दिया और कहा कि सीनेट के चुनाव जल्द से जल्द करवाए जाएं। पीयू के सीनेटर सीनियर हैं जो पीयू के लिए निर्णय लेते हैं। उसके बाद पुटा की ओर से प्रशासक को पत्र भेजा गया कि सीनेट चुनाव करवाए जाएं। शिक्षकों का कहना है कि सीनेटरों ने जब प्रशासन को पत्र दिया है और प्रभावी कदम उठाने को कहा है तो पुटा को पत्र देने की क्या जरूरत थी, क्योंकि सीनेटर सीनियर हैं और वह बेहतर जानकारी रखते हैं। 

कैप्टन अमरिंदर सिंह दें दखल, सीनेटरों ने लिखा पत्र
पीयू के 15 सीनेटरों ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को पत्र लिखकर कहा है कि पीयू की बेहतरी के लिए सीनेट के चुनाव होना जरूरी है। दो बार चुनाव स्थगित कर दिए गए। यह लोकतंत्र की हत्या करने की कोशिश की गई है। इस प्रकरण में आप दखल दें और पीयू को कहें कि वह सीनेट के चुनाव करवाएं ताकि पीयू का लोकतांत्रिक ढांचा बना रहे। सीनेट पीयू की विरासत के रूप में है। इसे बचाना जरूरी है। इसलिए निर्णय पीयू के हित में लिया जाए।
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