चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पुटा) के चुनाव तय तो कर दिए गए लेकिन चुनाव किस प्रणाली से होंगे, यह शिक्षकों को पता नहीं। ऑनलाइन चुनाव की घोषणा नहीं की गई है और यदि चुनाव ऑफलाइन हुए तो यूटी प्रशासन से अनुमति लेनी होगी। स्थिति साफ न होने से चुनाव खटाई में पड़ सकते हैं। हालांकि पुटा के पूर्व पदाधिकारी चुनाव कराने के लिए पूरी ताकत से जुटे हैं।
पुटा के चुनाव 25 और 26 सितंबर को होने हैं। इसके लिए तैयारियां भी चल रही हैं। पुटा के पूर्व अध्यक्ष प्रो. मोहम्मद खालिद ने कहा है कि शिक्षकों को यही पता नहीं है कि चुनाव कैसे होंगे? उम्मीदवार नामांकन पत्र कैसे भरेंगे और उनकी जांच कैसे होगी, यह भी नहीं बताया गया। उन्होंने सवाल उठाया है कि पुटा के पूर्व पदाधिकारी सदस्यता शुल्क का निर्धारण या लेने व देने के बारे में निर्णय नहीं ले सकते। इसके लिए जनरल बॉडी की बैठक में तय करना चाहिए। यह सवाल कई शिक्षकों ने उठाया है। यह भी कहा है कि पुटा चुनाव के लिए गाइडलाइन पहले जारी की जानी चाहिए थी ताकि उसके लिए सभी लोग तैयारी कर सकें। दूसरी ओर, पुटा चुनाव लड़ने के लिए कई शिक्षक तैयारी में जुटे हैं। सुभाष ग्रुप, गोयल ग्रुप के लोग आगे आ रहे हैं। वहीं विश्वविद्यालय के भी अपने ग्रुप हैं जो तैयारी में लगे हैं।
फाइनल सूची में हटेंगे मृतक शिक्षकों के नाम
पुटा चुनाव के लिए जारी की गई पहली वोटर लिस्ट में मृतकों के नाम शामिल करने की खबर मंगलवार को पीयू में चर्चा का विषय बनी रही। सभी ने कहा कि ऐसा नहीं किया जाना चाहिए था। मृतकों के नाम सूची में शामिल करने के पीछे लापरवाही उजागर हो रही है। वहीं, जिम्मेदार कह रहे हैं कि फाइनल वोटर लिस्ट बनेगी तो उनके नाम हटा दिए जाएंगे।