चंडीगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली होने जा रही है। इसे कराने के पीछे यूटी प्रशासन का मकसद बेहद खास है। प्रशासन एक तीर से दो निशाने साध रहा है।
एक तो सेक्टर-63 के हाउसिंग प्रोजेक्ट में फ्लैट्स का काम अधूरा पड़ा है, जिसका प्रधानमंत्री से उद्घाटन न करवाकर प्रशासन किरकिरी से बच गया, दूसरा रैली आयोजित करवा कर प्रशासन ने भाजपा को भी खुश कर दिया।
अगर सेक्टर-25 की रैली भाजपा करवाती तो लाखों रुपये का खर्चा भी पार्टी को वहन करना पड़ता। लोकसभा चुनाव जीतने के बाद यह नरेंद्र मोदी की पहली रैली है।
मालूम हो कि मोदी शहर में पार्टी के प्रभारी भी रह चुके हैं। इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अपने कार्यकाल में धनास में पुनर्वास योजना के तहत बने फ्लैट्स की चाबियां सौंपने के लिए आए थे।