इतिहास में सिखों के बलिदान की दास्तां को बड़े पर्दे पर दिखाया है हैरी बावेजा ने फिल्म ‘चार साहिबजादे’ में। यह फिल्म सिखों के अंतिम गुरु गोविंद सिंह के पुत्रों अजित सिंह, जुझार सिंह, जोरावर सिंह और फतेह सिंह के बलिदान पर केंद्रित है।
इस मौके पर निर्देशक हैरी बावेजा ने फिल्म के 8 गोल्डन राज बताए। वह शनिवार को सिटी ब्यूटीफुल स्थित वेव सिनेमा में फिल्म की प्रमोशन के लिए पहुंचे थे। उनके साथ फिल्म के क्रिएटिव प्रोड्यूसर हरमन बावेजा और प्रोड्यूसर पम्मी बावेजा भी थीं।
आओ फिल्म के बारे में जाने...
1. पंजाबी, हिंदी, अंग्रेजी सहित 2डी और 3डी में बनीं फिल्म ‘चार साहिबजादे’ एनीमेटड है। 2 घंटे 8 मिनट की इस मूवी में विदेशी तकनीक का प्रयोग किया गया है।
2. फिल्म को बनने में तीन साल लगे। उससे पहले दो वर्ष रिसर्च वर्क किया गया। इस दौरान एसजीपीसी, अकाल तख्त, सिख स्टूडेंट फेडरेशन मेहता से भी संपर्क किया। साथ ही इतिहास से जुड़े लोगों से जानकारी इकट्ठा की गई।
3. बकौल हैरी बावेजा यह फिल्म उनकी अन्य फिल्मों जैसी ही है, जिसे उन्होंने बड़े दिलचस्प अंदाज में बनाया है। वह चाहते हैं कि दर्शक जब फिल्म देखने जाएं तो वह सोचें कि धार्मिक फिल्म देखने जा रहे हैं।
4. फिल्म से पूरी बावेजा फैमिली जुड़ी है। हरमन क्रिएटिव प्रोड्यूसर हैं। उनके पिता हैरी बवेजा डायरेक्टर, हरमन की मम्मी पम्मी बवेजा प्रोड्यूसर, बहन रोवेना बवेजा और कजिन कंवरदीप सिंह बवेजा ने फिल्म बनाने में बहुत मेहनत की है।
5. फिल्म गुरु नानक देव जी के प्रकाशपर्व यानि 6 नवंबर को रिलीज होगी। यह फिल्म तीन भाषाओं में विश्व भर में रिलीज होगी। पंजाबी, हिंदी और इंग्लिश में इसे रिलीज किया जाएगा।
6. इसे बॉलीवुड इतिहास की पहली परफॉर्मेंस कैप्चर फोटो रिएलिस्टिक फिल्म माना गया है। इस फिल्म में आवाज देने वाले डबिंग आर्टिस्ट को अज्ञात रखा गया है।
7. फिल्म सच्ची घटना पर आधारित है, इसलिए आज भी मौजूद विरासती स्थलों पर ही फिल्म की शूटिंग हुई है। हैरी बावेजा के मुताबिक, एनीमेशन में बिल्कुल वैसा स्वरूप बनाने की कोशिश की गई है। उदाहरण के तौर पर माछीवाड़ा में पीपल का पेड़, मालेरकोटला में विरासती स्थल आदि।
8. फिल्म बनाने का आइडिया कैसे आया, इस सवाल पर हरमन बताते हैं कि सिख धर्म से गहरा जुड़ाव है। मेरे पिता (हैरी बवेजा) बचपन से ही मुझे चार साहिबजादों की कहानी सुनाते थे। छोटी उम्र में निडर होकर शहीद होना बहुत बड़ी बात है। बस इसको ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए यह फिल्म बनाने का ख्याल आया।