पंजाबी भाषा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पंजाब सरकार ने राज्य सरकार के ग्रुप-सी और डी के पदों के लिए पंजाब भाषा के टेस्ट को अनिवार्य कर दिया है। उम्मीदवारों को संबंधित पद के लिए निर्धारित भर्ती परीक्षा के अलावा पंजाबी योग्यता परीक्षा कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ पास करना जरूरी होगा।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को अपने आवास में अधिकारियों के साथ हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह फैसला लिया। पंजाबी भाषा को प्रोत्साहित करने के लिए भगवंत मान ने कहा कि अब ग्रुप-सी और डी के पदों की भर्ती में उपस्थित होने वाले सभी उम्मीदवारों को अपेक्षित भर्ती परीक्षा से पहले पंजाबी योग्यता परीक्षा को कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ पास करना जरूरी होगा।
बैठक में यह भी बताया गया कि राज्य सरकार ने पहले ही 26,454 पदों के लिए व्यापक भर्ती मुहिम शुरू की है, जिसमें ग्रुप-सी और डी पदों की संख्या काफी ज्यादा है। बैठक में मुख्य सचिव अनिरुद्ध तिवारी, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव ए वेणु प्रसाद, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा और भाषा जसप्रीत तलवाड़ और रोजगार सृजन के सचिव कुमार राहुल उपस्थित रहे।
‘मानकों के अनुरूप हो रही है पीपीएससी परीक्षा’
पंजाब लोक सेवा आयोग (पीपीएससी) में पंजाबी भाषा को लेकर चेयरमैन जगबंस सिंह ने स्पष्ट किया है कि आयोग की तरफ से अपनी कार्य प्रणाली के लिए तय प्रक्रिया के नियमों में साफ तौर पर निर्धारित किया गया है कि प्रश्न पत्र सिर्फ अंग्रेजी भाषा में तैयार किए जाते हैं और बीते समय में भी ऐसी सभी परीक्षाएं भी अंग्रेजी में ही ली गईं हैं। नियमों में सिर्फ पंजाब राज्य सिविल सर्विसेज संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा) को छूट दी गई है क्योंकि सरकार द्वारा नोटिफाई किए नियमों के अनुसार यह परीक्षा अंग्रेजी और पंजाबी दोनों भाषाओं में करवाना जरूरी है।