कॉमेडी से लेकर राजनीति तक मान ने किया शिद्दत से काम: गुरप्रीत घुग्गी
मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ 32 वर्ष पुरानी सांझ का जिक्र करते हुए अदाकार गुरप्रीत घुग्गी ने कहा कि कॉमेडी से लेकर राजनीति तक मान ने हर काम पूरी शिद्दत से किया। जिसका नतीजा है कि आज वह पंजाब के मुख्यमंत्री पद पर आसीन हैं। यह उनकी कड़ी मेहनत और परिश्रम का ही फल है। चाहे हास्य कलाकार के रुप में हो या सियासतदान के रूप में, दोनों भूमिकाओं को मान ने अच्छे से निभाया है। मुख्यमंत्री के रुप में निजाम बदलने की ओर पहला कदम बढ़ाया है।
उम्मीद है वे प्रदेश का नक्शा और नुहार बदलेंगे। मान को वह करीब 32 वर्षों से जानते हैं। मान के साथ वर्ष 1990 में चंडीगढ़ टैगोर थियेटर में मोनो एक्टिंग कंपीटीशन में उनकी पहली बार मुलाकात हुई थी। उस शो में मान ने पंजाबी यूनिवर्सिटी, दिव्या दत्ता ने पंजाब यूनिवर्सिटी व उन्होंने गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी की ओर से भाग लिया था।
कपिल शर्मा, चंदन प्रभाकर, राजीव ठाकुर उन दिनों उस शो में प्रतियोगी हुआ करते थे। मान के साथ अनेकों लाइव शो किए। कहने का मतलब है कि हास्य कलाकार के तौर पर भी खुद को स्थापित करने के लिए मान ने काफी संघर्ष किया है। ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज शो के लिए वह और भगवंत मान एक साथ पंजाब से मुंबई जाते रहे हैं। 2016-17 में आप के नेतृत्व में भी हमने सियासत के क्षेत्र में भी एक साथ काम किया।
मान कॉमेडी के जरिए भी पेश करते आए हैं पंजाब का दर्द: दर्शन औलख
एक्टर और लाइन प्रोड्यूसर दर्शन औलख बताते हैं कि सीएम भगवंत मान ने उनकी लिखी पंजाबी फिल्म सुक्खा से बतौर एक्टर फिल्मों में पदार्पण किया था, तबसे मान के साथ उनकी सांझ चली आ रही है। भगवंत मान हमेशा से ही अपनी कॉमेडी के जरिए पंजाब के लोगों खासकर जनहित के मुद्दे उठाते आए हैं। अपनी कॉमेडी से लोगों का दर्द बयां करते आए हैं। उनके भीतर शुरू से एक राजनेता छिपा है।
उनके मुख्यमंत्री बनने से तो फिल्म जगत की उम्मीदें और बढ़ी हैं। इस बार कलाकारों का मुख्यमंत्री बना है। भगवंत मान के मुख्यमंत्री बनने से प्रदेश में फिल्म सिटी बनने, सिंगल विंडो सिस्टम शुरू होने समेत कलाकारों की अन्य मांगों के पूरा होने की उम्मीद जगी है। दर्शन औलख कहते हैं कि उन्होंने यश चोपड़ा से चंडीगढ़ में फिल्म सिटी बननाने का प्रस्ताव भी मंजूर करवा लिया था, बीच में लटका है। प्रदेश में सिंगल विंडो सिस्टम न होने से कलाकार शूटिंग के लिए विदेश की ओर भाग रहे हैं।
खुद को कभी स्टार की तरह महसूस नहीं कराते थे भगवंत मान: देव खरौड़
अदाकार देव खरौड़ ने मान के साथ बिताए पलों को याद किया और कहा कि शुरू से ही उनके सियासत में जाने की मंशा झलकती रही है। यही कारण रहा है कि वह अपनी बोलने की शैली में कॉमेडी करते-करते बहुत ही गंभीर मुद्दों को उठा जाते थे। देव खरौड़ ने भगवंत मान के साथ पहली मुलाकात का जिक्र किया और कहा कि उनकी मुलाकात बेहद रोचक थी। वे स्कूल टाइम से वालीबॉल खेला करते थे। हम लोग मेरे दोस्त के एक खाली प्लॉट में वालीबॉल का नेट लगाने लगे। पास में भगवंत मान का घर था। वहां से पहले तो मान साहब की ओर से एक आदमी चाय-पानी लेकर आया।
कुछ ही देर में भगवंत मान खुद आ गए और उन्हें बोले कि नेट अच्छे से लगाना, हम मिलकर वालीबॉल खेला करेंगे। उस दिन से हम लोग रोज शाम को पहुंच जाते और हमें भी गर्व महसूस होता था कि इतना बड़ा सुपरस्टार हमारे साथ वालीबॉल खेलता है। उन्होंने कभी खुद को उनके सामने स्टार की तरह महसूस नहीं कराया। आम आदमी की तरह ही मिलते थे। एक दिन भगवंत मान को किसी से उनके थियेटर के शौक के बारे में बताया तो उन्होंने कहा कि जब थियेटर में शो करोगे तो जरूर बुलाना फिर जब मान उनका शो देखने आए तो काफी प्रभावित हुए और बोले कि वे एक गाना निकाल रहे हैं। उन्हें मॉडल चाहिए। इस तरह मान के गीत इक्कठियां हो कॉलेज दीयां कुड़ियां... के जरिए मुझे ब्रेक मिला।
प्रदेश को वर्षों बाद मुख्यमंत्री के रुप में मिला सच्चा व ईमानदार नेता: दिलखुश थिंद
अभिनेता दिलखुश थिंद का कहना है कि वर्षों बाद आज निजाम बदला है और प्रदेश को सच्चा और ईमानदार नेता मुख्यमंत्री के रूप में मिला है। दिलखुश बताते हैं कि लंबे समय की सांझ के चलते वे मान को बेहद करीब से जानते हैं। वह प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं तो उसका कारण भी लोगों के दिलों में उनके प्रति प्यार और सम्मान है। उन्होंने भगवंत मान के साथ कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलेंड समेत विदेश में अनेक शो किए हैं। मान के कुल्फी गर्मा-गर्म-2, आवाज दा वॉयस समेत अनेकों गानों का म्यूजिक दिया है।
एनर्जी का भंडार है मान: गुरचेत चित्रकार
हास्य कलाकार गुरचेत चित्रकार का कहना है कि मान ऐसे कलाकार व नेता हैं जो कभी थकते नहीं। उनका एनर्जी लेवल देखकर वे हैरान रह जाते हैं। पता नहीं किस ग्रह से इतनी एनर्जी लाते हैं। मान एनर्जी का भंडार ही हैं। चाहे सफर हो या एक्टिंग उन्होंने उन्हें कभी थकते नहीं देखा, बोलते ही जाते हैं। आज मुख्यमंत्री बनकर उनके बदलाव का सपना पूरा हुआ है। उनके मुख्यमंत्री बनने पर पंजाबी कलाकारों को भी बेहद आशाएं जगी हैं। आज तक पुराने बुजुर्ग कलाकारों की पेंशन नहीं लगी है। मान के मुख्यमंत्री बनने पर कलाकारों को ये सम्मान भी मिले। गायक हरभजन मान और बब्बू मान, दिलजीत दोसांझ, जसबीर जस्सी समेत अनेक कलाकारों ने भगवंत मान को सीएम बनने पर बधाई दी।
करमजीत अनमोल का कहना है कि भगवंत मान छात्र जीवन में ही भूराजनीतिक ज्ञान रखते थे। उनके पास एक छोटा सा रेडियो था जिसमें वह अक्सर खबरें सुनते थे। एक साथ साइकिल पर स्कूल जाना, कबड्डी टूर्नामेंट में भाग लेना आज आज याद आ रहा है। करियर के शिखर पर भगवंत मान ने राजनीति के ओर रुख किया था। अनमोल ने कहा कि भगवंत मान ने हमेशा भ्रष्टाचार रहित सियासत को तरजीह दी। सियासत में आने के बाद राजनेताओं की संपत्ति बढ़ जाती है। मगर भगवंत मान की प्रापर्टी कम हुई है। उन्होंने कहा कि एक बार मान उनके पास आए थे तो गाड़ी में डीजल खत्म हो गया था। तब डीजल डलवाने के लिए पैसे भी उनसे मांगे थे। ऐसा नेता और भला कहां होगा।
करमजीत अनमोल का कहना है कि भगवंत मान के मुख्यमंत्री बनने से पंजाब की उम्मीदें बढ़ी हैं। उन्हें उम्मीद है कि मान बेरोजगारी, नशाखोरी बंद करवाएंगे और राज्य के लोगों को बेहतरीन स्वास्थ्य व शिक्षा सहूलियतें मुहैया करवाएंगे, क्योंकि अगर आम लोग खुश होंगे तो खुशहाली आएगी। अगर पंजाब में खुशहाली आएगी तो पंजाब के कलाकार भी खुश होंगे क्योंकि पंजाब के लोगों के साथ ही पंजाबी कलाकारों का भविष्य जुड़ा हुआ है।
मान के मुख्यमंत्री बनने से कलाकारों का भी बढ़ा सम्मान: लखविंदर वडाली
सूफी गायक लखविंदर वडाली ने कहा कि वह भगवंत मान से काफी जूनियर हैं। जब उनका करियर शुरू हो रहा था तब भगवंत मान ने सियासत की ओर रुख कर लिया था। इसीलिए वे उनके साथ कभी मंच तो साझा न कर सके, मगर कई बार समारोह के दौरान मुलाकात होती थी तो भगवंत मान उन्हें बेहद प्यार, दुलार व दुआएं देते थे। ये उनकी खासियत थी कि वे हमेशा छोटों को प्यार व बड़ों का सम्मान करते हैं।
उन्हें याद है कि एक बार एक समारोह में मुलाकात के दौरान दोनों हाथों से मान ने उनका चेहरा पकड़ उन्हें खूब दुलार दिया था। वो पल उनके लिए काफी विस्मरणीय है। बीते दिनों पटियाला में हुए एक समारोह में मान साहब मिले तो उन्हें खूब सम्मान दिया। यह उनके स्वभाव में है। अब वे प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं ऐसे में प्रदेश के लोगों खासकर कलाकारों का सम्मान और बढ़ा है। आम लोगों के साथ-साथ कलाकारों को भगवंत मान से काफी आशाएं हैं।