कार्यक्रम को संबोधित करते सीएम भगवंत मान
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पंजाब यूनिवर्सिटी में चल रहे पंजाब विजन 2047 के दूसरे दिन का फोकस भी किसानों की हालत सुधारने पर ही रहा। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विशेष सत्र के दौरान कहा कि पंजाब में एग्रो बेस्ड इंडस्ट्री, प्रोसेसिंग प्लांट लगाकर किसानों की आय में वृद्धि की जा सकती है। साथ ही इससे फसल विविधीकरण का लक्ष्य हासिल करने में भी मदद मिलेगी। इसी तरह विशेषज्ञों ने राज्य की एजुकेशन सिस्टम में बदलाव करने की भी सिफारिश की है, ताकि बच्चों को वर्तमान चुनौतियों के अनुरूप तैयार किया जा सके।
पंजाब पर वर्ष 2024-25 के अंत तक करीब 3.74 लाख करोड़ रुपये का कर्ज होने का अनुमान है, इसलिए आर्थिक संकट से उभारने के लिए प्रदेश में सख्त निर्णय लेने की सिफारिश की गई है। इसमें नए टैक्स लगाने के साथ ही अलग-अलग सेवाओं के लिए यूजर चार्जेस बढ़ाने व खर्चे कम करने की सिफारिश की गई है। राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा कि वह विशेषज्ञों की सभी सिफारिशों का एक सफेद पत्र तैयार करेंगे और पंजाब सरकार को सौंपेंगे, ताकि इसके अमलीजामा के लिए उचित कदम उठाए जा सकें। इसमें एक एडवाइजरी बोर्ड बनाने की बात भी कही गई है, ताकि उसके जरिये सभी समस्याओं का समाधान किया जा सके।
किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य देना ही विकल्प, केंद्र कर रहा सौतेला व्यवहार
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में ग्राउंड वाटर लेवल 600 फीट नीचे गिर गया है, इसलिए अब फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य ही एक विकल्प है। केंद्र सरकार को इस पर काम करना चाहिए। एक किलो चावल उगाने के लिए लगभग 3500 लीटर पानी की खपत होती है, जिससे राज्य का पानी खतरे की कगार पर पहुंच गया है। राज्य के किसान वैकल्पिक फसलें तभी अपना सकते हैं जब उन्हें इन फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलेगा। केंद्र उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है।
सीनेट चुनाव पर मान ने साधी चुप्पी, नहीं की छात्रों से मुलाकात
सीनेट चुनाव के लिए धरना दे रहे छात्रों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मिलने की कोशिश की तो उन पर लाठीचार्ज किया गया। 24 दिनों से सीनेट चुनाव के लिए धरने पर बैठे छात्रों को पीयू कैंपस पहुंचे भगवंत मान से मिलने का मौका नहीं दिया गया। मीडिया से बातचीत के दौरान भगवंत मान से बार-बार सीनेट चुनाव के बारे में पूछा गया लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। प्रदर्शन करते छात्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री से मिलने पर डीएसपी ने उन्हें गोलियां चलने की धमकी दी। छात्र लॉ विभाग के साथ ही पार्किंग में प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों के प्रदर्शन में किसान संगठन भी जुड़े हैं। पीयू प्रबंधन ने छात्रों को कुलपति से बात और ज्ञापन देने के लिए कहा।