विजिलेंस ब्यूरो के एआईजी मनमोहन सिंह को 50 लाख रुपये की रिश्वत देने की कोशिश करने के आरोपी पंजाब के पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा के खिलाफ मोहाली की अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। चार्जशीट लगभग 150 पन्नों की है। हालांकि विजिलेंस की जांच अभी जारी है। आगे की जांच के बाद विजिलेंस पूरक चालान पेश करेगी। मामले में अगली सुनवाई मंगलवार को होगी।
विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि मामले में कुल 20 गवाह बनाए गए हैं। सुंदर शाम अरोड़ा पर आरोप है कि उन्होंने एआईजी मनमोहन सिंह को 15 अक्तूबर को 50 लाख रुपये देने की कोशिश की थी। एआईजी मनमोहन सिंह की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 8 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। यह मुकदमा विजिलेंस ब्यूरो के फ्लाइंग स्क्वायड -एक एसएएस नगर ने दर्ज किया था।
यह था मामला
पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच विजिलेंस ब्यूरो कर रही है। 14 अक्तूबर को आरोपी अरोड़ा ने जांच अधिकारी मनमोहन सिंह को व्हाट्सएप पर फोन किया और मिलने का समय मांगा। उन्होंने कहा कि वह उनके पुराने जानकार हैं और पत्नी के देहांत के बारे में दुख सुख साझा करना चाहते हैं।
आरोपी जब शिकायतकर्ता के घर पहुंचे तो मनमोहन सिंह के सामने एक करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की। आधी रकम 50 लाख रुपये 15 अक्तूबर को देने की बात कही। जब आरोपी ने यह रकम देने की कोशिश की तो उन्हें रिश्वत की रकम के साथ मौके से गिरफ्तार कर लिया गया था।