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पंजाब में आयुष्मान भारत योजना में बड़ा घपला : विजिलेंस ने पकड़ी करोड़ों रुपये की हेराफेरी, सरकार को 52 लाख का नुकसान

Wed, 10 Mar 2021 08:01 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • जालंधर, होशियारपुर व कपूरथला के 77 निजी अस्पतालों के 4828 दावों को बीमा कंपनी ने किया रद्द
  • 5.60 करोड़ रुपये थी बीमा क्लेम की राशि, पंजाब सरकार को भी 52 लाख रुपये का हुआ नुकसान
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media
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विस्तार
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पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने आयुष्मान भारत योजना में करोड़ों रुपये के घपले का खुलासा किया है। बीमा कंपनी की ओर से 77 अस्पतालों के 4828 दावों को रद्द करने से विजिलेंस की जांच में करोड़ों रुपये की हेराफेरी किए जाने की बात सामने आई है। सरकारी अस्पतालों के भी क्लेम बीमा कंपनी द्वारा रद्द करने से पंजाब सरकार को 52 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। 

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जालंधर, होशियारपुर और कपूरथला जिले के 77 निजी अस्पतालों के 4,828 दावे इफको टोकियो हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी द्वारा पिछले एक साल के दौरान संदिग्ध होने पर रद्द किए गए हैं। इन दावों की कुल राशि 5,59,96,407 बनती है। इतने बड़े स्तर पर इन दावों के रद्द होने पर विजिलेंस ब्यूरो ने जांच शुरू की। 

ब्यूरो के जालंधर रेंज के एसएसपी दलजिंदर सिंह ढिल्लों की प्राथमिक जांच में सामने आया कि आयुष्मान भारत स्कीम के अंतर्गत जालंधर, होशियारपुर और कपूरथला के कई बड़े नामी अस्पतालों द्वारा स्मार्ट स्वास्थ्य कार्ड धारकों के नाम पर मोटी रकम के फर्जी मेडिकल बिल तैयार करके बड़े स्तर पर घपलेबाजी कर बीमा क्लेम हासिल किए जा रहे हैं। इन तीन जिलों में कुल 35 सरकारी और 77 प्राइवेट अस्पताल इस योजना के अधीन राज्य सरकार द्वारा सूचीबद्ध हैं। 

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जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि जिला कपूरथला के सुल्तानपुर लोधी कस्बे में चल रहे एक नामी अस्पताल ने इस साल करीब 1282 व्यक्तियों के इलाज के लिए कुल 4,43,98,450 रुपये का बीमा क्लेम किया गया, जिसमें से इस अस्पताल के 519 दावे रद्द हो गए और बाकी बचे मामलों में से कुल 4,23,48,050 रुपये के दावे स्टेट हेल्थ अथॉरिटी पंजाब द्वारा पास किए गए हैं। 

पास हुई इस राशि 4,43,98,450 रुपये में से अब तक 1,86,59,150 रुपये की रकम की अदायगी बीमा कंपनी इफको टोकियो द्वारा अस्पताल को की जा चुकी है। जांच में यह भी सामने आया है कि इस नामी अस्पताल द्वारा योजना के तहत एक मरीज के इलाज के बदले उसके परिवार के अन्य व्यक्तियों का दाखिला अस्पताल में दिखा कर झूठे बीमा क्लेम हासिल किए गए हैं। 

सरकार को 52 लाख का नुकसान
इसके अलावा जालंधर, होशियारपुर और कपूरथला जिले के 35 सरकारी अस्पतालों के 1,015 बीमा क्लेम के दावे इफको टोकियो हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी ने एक साल के दौरान रद्द किए हैं। इन रद्द हुए दावों की कुल राशि 52,06,500 बनती है। सरकारी अस्पतालों में किए गए इलाज के क्लेम रद्द होना भी अपने आप में हैरानी भरा है, क्योंकि सरकारी अस्पतालों में किए गए इलाज का क्लेम किसी व्यक्ति विशेष को न जाकर राज्य सरकार के खाते में जाता है।    

इन अधिकारियों ने बरती लापरवाही
विजिलेंस जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि इफको टोकियो बीमा कंपनी द्वारा जालंधर, होशियारपुर और कपूरथला के कई सरकारी अस्पतालों के बीमा क्लेम जिला डिप्टी मेडिकल कमिश्नरों और सरकारी डॉक्टरों की लापरवाही के कारण भारी मात्रा में रद्द किए गए हैं। जिसका मुख्य कारण बीमा कंपनी द्वारा सरकारी अस्पतालों के क्लेम रद्द करके कम से कम राशि बतौर क्लेम सरकारी अस्पतालों के खातों में न डालना और अधिक से अधिक अनचाहा वित्तीय लाभ लेना हो सकता है।

बीमा कंपनी को मिलते हैं 1000 रुपये प्रति परिवार
पंजाब राज्य में आयुष्मान भारत योजना सरबत सेहत बीमा योजना के नाम चल रही है। इसके अनुसार लगभग 1000 रुपये की रकम राज्य सरकार की तरफ से बतौर प्रीमियम प्रति परिवार बीमा कंपनी को प्रति वर्ष दी जाती है। सरकार द्वारा परिवारों को स्मार्ट कार्ड जारी किए गए हैं। इसके द्वारा लाभार्थी को यदि कोई गंभीर बीमारी हो जाती है तो वह इस योजना से अस्पताल में दाखिल होकर 5,00,000 रुपये तक का इलाज मुफ्त करवा सकता है। योजना की निगरानी स्टेट हेल्थ अथॉरिटी, पंजाब स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग कर रहा है।
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