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पीयू स्टूडेंट काउंसिल के नए सदस्यों को जानिए, जीत के बाद गिनाई प्राथमिकताएं

Fri, 08 Sep 2017 01:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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छात्र संघ चुनाव में एनएसयूआई ने तीन पदों पर बाजी मारी
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किसान का बेटा है पीयू का प्रधान 
पीयू में प्रधान पद का चुनाव जीतने वाले जश्न कांबोज के पिता किसान हैं। जश्न मूल रूप से फिरोजपुर के रहने वाले हैं। वे दो साल पहले एनएसयूआई से जुड़े थे। एमबीए के स्टूडेंट जश्न ने कहा कि यह एनएसयूआई की बड़ी जीत है। चुनाव से पहले जो वादे किए थे, उन्हें हाल में पूरा किया जाएगा। एनएसयूआई छात्र हित में काम करती है और आगे भी करती रहेगी।

यह जीत अकेले की नहीं है बल्कि पूरे एनएसयूआई की है। एनएसयूआई के हर सदस्य ने जीत के लिए जी जान लगा दी। सीनियर नेताओं का मार्गदर्शन भी काम आया है। पीयू के छात्रों ने जो उन पर विश्वास जताया है, वे उन्हें खोने नहीं देंगे।
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सभी ने साथ दिया। यह एनएसयूआई की बड़ी जीत है। हमने जो भी वायदे किए थे, उन्हें पूरा किया जाएगा। हमारा संगठन छात्र हित में काम करता आया है और आगे भी ऐसा ही होगा। यह छात्र एकता की जीत है।
- जशन कंबोज

केमिकल इंजीनियरिंग के छात्र हैं वाइस प्रेसिडेंट

छात्र संघ चुनाव में एनएसयूआई ने तीन पदों पर बाजी मारी
केमिकल इंजीनियरिंग के छात्र हैं वाइस प्रेसिडेंटपीयू के वाइस प्रेसिडेंट करनवीर सिंह केमिकल इंजीनियरिंग के छात्र हैं। वे भी दो साल पहले एनएसयूआई की विचारधारा से जुड़े थे। उनके पिता बिजनेस करते हैं। जीत के बाद उन्होंने कहा कि एनएसयूआई ही एक ऐसा छात्र संगठन है, जो छात्रों के हित के लिए काम करता है।

अपने प्रतिद्वंद्वी को 1300 वोट हराने वाले करनवीर ने कहा कि उन्होंने कभी भी एसएफएस को चुनौती के रूप में नहीं देखा। चुनाव से पहले पता चल गया था कि एनएसयूआई जीत रही है। छात्रों को जबरदस्त समर्थन मिल रहा था। सबसे बड़ी बात है कि हमारा छात्र संगठन कोई खोखली बात नहीं करता है। 23 वर्षीय करनवीर सिंह पंजाब के खन्ना के रहने वाले हैं।

यह सभी छात्रों की जीत है। अपने किए वायदे निभाएंगे। हमने कभी एसएफएस को चुनौती समझा ही नहीं था।
- करनवीर सिंह

 

छात्राओं का चेहरा हैं वानी सूद

छात्र संघ चुनाव में एनएसयूआई ने तीन पदों पर बाजी मारी
सचिव पद का चुनाव जीतने वाली वानी सूद पीयू में छात्राओं का चेहरा हैं। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी पूसू का उम्मीदवार सूरज को 669 वोट से हराया है। वे कहती हैं कि छात्राओं ने उन्हें जिस उम्मीद से सचिव बनाकर भेजा है, वह उस पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगी। सबसे पहले हॉस्टल की सभी दिक्कतों को दूर कराया जाएगा।

हास्टल में काफी काम होने हैं। छात्राओं से वादा किया है। इसे सबसे पहले काम करवाउंगीं। लुधियाना की रहने वाली वानी यूआईआईटी की स्टूडेंट हैं। 22 वर्षीय वानी दो साल पहले एनएसयूआई से जुड़ी थीं। वे एनएसयूआई की विचारधारा से काफी प्रभावित हैं। वे अपना आदर्श राहुल गांधी को मानती हैं। 

पीयू में मैं छात्राओं का चेहरा बनी हूं। मुझे काफी काम करने हैं। सबसे पहले हॉस्टल की सभी दिक्कतों को दूर कराया जाएगा।
- वानी सूद
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चार साल से पीयू में एक्टिव हैं संयुक्त सचिव

छात्र संघ चुनाव में एनएसयूआई ने तीन पदों पर बाजी मारी
संयुक्त सचिव पद का चुनाव जीतने वाले करन रंधावा पिछले चार साल से पीयू में एक्टिव हैं। वे छात्रों के बीच में रहकर काम करते आए हैं। कुछ दिन पहले करन रंधावा ने पीयू में मूल सुविधाओं के लिए भूख हड़ताल की थी। छात्रों के बीच वे काफी चर्चित हैं।
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बटाला के रहने वाले करन का कहना है कि हमारा स्टूडेंट फ्रंट नया था, लेकिन उससे जुड़े सभी ऐसे छात्र हैं, जो पुराने हैं। सबसे पहले पीयू की मूल दिक्कतों को को दूर करने के लिए काम किया जाएगा। वे एंट्रोपोलॉजी के स्टूडेंट हैं। वे पहले सोई में थे। बाद में आईएसए के साथ जुड़े। आईएसए ने पूसू के साथ गठबंधन किया।

हमारा स्टूडेंट फ्रंट नया था, लेकिन उससे जुड़े सभी ऐसे छात्र हैं, जो पुराने हैं। सबसे पहले पीयू की मूल दिक्कतों को को दूर करने के लिए काम किया जाएगा।
- करन रंधावा
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