पीयू छात्र संघ चुनाव की तारीख घोषित करते डीएसडब्ल्यू
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पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) चंडीगढ़ और संबद्ध कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव की तारीख का एलान हो गया है। छात्र संघ चुनाव 3 सितंबर को होंगे। शुक्रवार को तारीखों की आधिकारिक घोषणा की गई है। इसके साथ ही पंजाब यूनिवर्सिटी में आचार संहिता लागू हो गई है। स्टूडेंट वेलफेयर अमित चौहान और डीएसडब्ल्यू महिला प्रोफेसर नमिता ने इसके जानकारी प्रेस कांफ्रेंस के दौरान दी है। उन्होंने बताया कि 27 अगस्त को 9:30 से 10:30 तक नॉमिनेशन फाइल होंगे। 27 अगस्त को दोपहर 12:00 बजे कैंडिडेट की लिस्ट नोटिस बोर्ड पर लगाई जाएगी। दोपहर 12:30 से 1:30 बजे तक ऑब्जेक्शन फाइल होंगे। 28 अगस्त को सुबह 10:00 बजे अप्रूव कैंडिडेट की लिस्ट जारी होगी। 10:30 से 12:30 बजे तक नॉमिनेशन वापस लेने का समय होगा। 12:30 बजे फाइनल लिस्ट जारी कर दी जाएगी।
इस चुनाव में पीयू के 76 विभागों के लगभग 16,000 विद्यार्थियों के साथ-साथ 10 संबद्ध कॉलेजों के 55,000 से अधिक छात्र-छात्राएं अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ कैंपस में चुनावी माहौल गरमा गया है। सभी प्रमुख छात्र संगठनों ने अपना प्रचार अभियान तेज कर दिया है। पूरे कैंपस में जिंदाबाद के नारे गूंज रहे हैं। छात्र नेता विभागों, हॉस्टलों और स्टूडेंट सेंटर पर मतदाताओं से संपर्क साध रहे हैं। नुक्कड़ नाटकों और घोषणापत्रों के जरिए वे कैंपस से जुड़े अहम मुद्दों को उठा रहे हैं।
दूसरी तरफ, चुनाव को देखते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी है। पिछले दो महीनों में कैंपस से हथियार, डंडे और हॉकी स्टिक बरामद होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं। सुरक्षा इंचार्ज ने बताया कि यूनिवर्सिटी के हर गेट पर आने वाली गाड़ियों की गहनता से जांच की जा रही है और बाहरी लोगों की आवाजाही को रोकने के लिए विभागों में छापेमारी भी की जा रही है।
इन संगठनों के बीच है कड़ी टक्कर
इस बार का छात्र संघ चुनाव मुख्य रूप से सात बड़े छात्र संगठनों के बीच होने की उम्मीद है। इनमें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), स्टूडेंट्स फॉर सोसाइटी (एसएफएस), नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई), स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया (सोई), इंडियन नेशनल स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (इनसो), पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन (पुसू) और एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स (एएसएपी) शामिल हैं।