पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह। (फाइल फोटो)
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को स्वास्थ्य अधिकारियों को 21 जून से सभी स्कूलों व कॉलेजों के 18-45 वर्ष की आयुवर्ग वाले अध्यापकों, नॉन-टीचिंग स्टाफ और विद्यार्थियों का टीकाकरण शुरू करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने विभाग को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सभी सह-रोगों वाले, दिव्यांगों और सरकारी कर्मचारियों का प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण किया जाए।
उन्होंने कोविड समीक्षा बैठक में कहा कि आतिथ्य उद्योग, पार्लर और दुकानों, रेस्टोरेंट, जिम समेत सर्विस आउटलेटों के स्टाफ का जल्द टीकाकरण करवाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायिक अधिकारियों और वकीलों को भी टीकाकरण में प्राथमिकता दी जाए ताकि अदालती कामकाज सुरक्षित ढंग से फिर से शुरू हो सके। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को टीकाकरण के लिए बच्चे को दूध पिलाने वाली माताओं, जिनको टीकाकरण के लिए योग्य दर्शाया गया है, तक सक्रियता से पहुंच करने को कहा।
टीकाकरण करवाने में पुरुषों और अन्यों के बीच में फर्क पर चिंता जाहिर करते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों को कारणों की पहचान करने और स्थिति को सुधारने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आदेश दिए कि जिन शहरों, कस्बों, ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण/मृत्यु दर ज्यादा पाई गई है, वहां वार्ड और गांव स्तर पर मुहिम चलाई जाए, ताकि इन क्षेत्रों में टीकाकरण को प्राथमिकता दी जा सके। पंजाब देश का शायद एकमात्र राज्य है, जिसने 18-45 उम्र वर्ग के लिए एक टीकाकरण रणनीति बनाई है, जिसमें गरीबों और जरूरतमंदों को प्राथमिकता दी गई है।
बैठक में स्वास्थ्य सचिव हुसन लाल ने बताया कि राज्य को 18-45 उम्र वर्ग के लिए अब तक कोविशील्ड की 586000 खुराकें प्राप्त हुई हैं, जिसमें से 530610 का इस्तेमाल किया जा चुका है और राज्य के पास 55390 खुराकों का स्टाक है। इसके साथ ही कोवाक्सिन की 150850 खुराकें प्राप्त हुई हैं और 66040 का इस्तेमाल हो चुका है।