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कौन कहता है पिछड़ गया पंजाब? जानिए, 10 राज

Thu, 12 Mar 2015 11:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब के बारे में लगातार यह कहा जा रहा है कि प्रदेश विभिन्न मसलों में पिछड़ गया है, लेकिन बहुत से ऐसे क्षेत्र हैं, जिन पर एक नजर दौड़ाएं तो तस्वीर कुछ अलग ही नजर आती है। उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल के अनुसार तमाम अड़चनों और संकट के बावजूद प्रदेश निरंतर तरक्की की राह पर है। कई क्षेत्रों में पंजाब अन्य राज्यों से कहीं आगे है। प्रस्तुत है पंजाब की मौजूदा स्थिति को बयां करते सरकारी आंकड़े...
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बढ़ रही प्रदेश की जीडीपी
प्रदेश में जीडीपी (ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट) लगातार बढ़ रही है। 2014-15 में यह आंकड़ा 3 लाख 65 हजार 278 करोड़ रुपये है। यह पिछले कुछ वर्षों के मुकाबले काफी ज्यादा है। जीडीपी 2010-11 में 226867, 2011-12 में 259223, 2012-13 में 285165 और 2013-14 में 317054 करोड़ रुपये थी।

खुद के टैक्स राजस्व में पंजाब का स्थान

खुद के टैक्स राजस्व एकत्रीकरण में पंजाब का स्थान देश में चौथा है। केवल कर्नाटक, तमिलनाडू और गोवा ही इससे आगे हैं। बाकी सभी राज्य पंजाब से पीछे हैं।

गवर्नेंस इंडेक्स में पंजाब
रिपोर्ट के अनुसार गवर्नेंस इंडेक्स के नजरिए से पंजाब का प्रदर्शन देशभर में पहले नंबर पर है। हरियाणा दूसरे, आंध्र प्रदेश तीसरे और गुजरात चौथे स्थान पर है।

डेवलपमेंट इंडेक्स
विकास के दृष्टिकोण से 2001 में पंजाब देशभर में पांचवें स्थान पर था। वहीं, 2011 में यह दूसरे स्थान पर पहुंच गया। गोवा पहले नंबर पर है। बाकी सब राज्य विकास इंडेक्स के मामले में पंजाब से पीछे हैं।

सबसे अच्छा पे-मास्टर है पंजाब

पंजाब अपने सरकारी मुलाजिमों को अन्य राज्यों के मुकाबले कहीं अधिक वेतन देता है। यह इसकी तरक्की का एक संकेत है। वेतन (रुपयों में) का तुलनात्मक ब्योरा एक नजर :-
पद-------------पंजाब----हरियाणा----गुजरात----हिप्र
ईटीटी/प्रा. टीचर32580----32580----19820----22940
कांस्टेबल------27000----15920----14000----15620
जेई-----------36500-----25800----30420----36500
क्लर्क---------27000-----15160----14200----15620

आधारभूत ढांचा, फिजिकल परफॉर्मेंस
आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में पंजाब ने 2011 में भी 2001 वाला अपना तीसरा स्थान कायम रखा। वहीं, फिजिकल परफॉर्मेंस में इसने काफी सुधार किया। 2011 में पंजाब देशभर में 27वें स्थान पर था, जबकि 2011 में यह सभी राज्यों में से 14वां रैंक पाने में कामयाब रहा।

बिजली उत्पादन में तरक्की की हैं पंजाब ने

प्रदेश ने बिजली उत्पादन के क्षेत्र में भी काफी तरक्की दर्ज की है। मार्च 2007 में पंजाब में बिजली की कुल इंस्टाल्ड कैपेसिटी 6201 मेगावाट थी, जो कि जून 2015 में 12392 मेगावाट तक पहुंच जाएगी। इसमें 30 हजार करोड़ रुपये का पूंजी निवेश हुआ है।

सिविल सुधार
राइट टु सर्विसेज
एफिडेविट की समाप्ति
आधुनिक फर्द केंद्र
ई टेंडरिंग
वाहनों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
ट्रांसपोर्ट टैक्स की ऑनलाइन अदायगी
ऑनलाइन वैट रिटर्न फाइलिंग
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कर्ज अनुपात में सुधार हुआ हैं पंजाब में

प्रदेश, ऋण-जीएसडीपी अनुपात में भी सुधार की तरफ अग्रसर है। 2010-11 में यह 34.2 फीसदी था। 2011-12 में कम होकर 33.2 जबकि 2012-13 में 32.7 फीसदी रह गया। 2014-15 में यह 32 फीसदी पर पहुंच गया है।

स्वास्थ्य एवं शिक्षा
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में 2001 में पंजाब चौथे स्थान पर था और 2011 में भी इसका यह रैंक कायम रहा। शिक्षा क्षेत्र में प्रदेश ने काफी सुधार किया।

2001 के 16वें से 2011 में यह नौवें रैंक पर पहुंच गया। मानव विकास सूचकांक (एचडीआई-2011) में पंजाब देशभर में पांचवें नंबर पर था। सिर्फ केरल, गोवा, दिल्ली और हिमाचल उसमें आगे थे।
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