फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंजाबः खेल मंत्री ने माना- कबड्डी फेडरेशनों को धमका रहे गैंगस्टर, पर इस्तेमाल नहीं की ड्रग मनी

Sat, 30 Nov 2019 10:15 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
धमकी भरा फोन कॉल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
पंजाब के खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी ने स्वीकार किया कि प्रदेश के कबड्डी फेडरेशनों और टूर्नामेंट आयोजकों को गैंगस्टरों द्वारा धमकाए जाने की कुछ शिकायतें सामने आई हैं।
विज्ञापन


वीरवार को ही नार्थ इंडिया सर्किल स्टाइल कबड्डी फेडरेशन ने पंजाब के डीजीपी से मुलाकात कर, गैंगस्टरों द्वारा धमकियां देने और ड्रग के आरोपी खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में शामिल करने के लिए दबाव बनाए जाने की शिकायत दी थी।

पंजाब में श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को समर्पित समारोहों की श्रृंखला के तहत, एक दिसंबर से आयोजित किए जा रहे अंतरराष्ट्रीय कबड्डी कप को लेकर शुक्रवार को बुलाई प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पत्रकारों के ज्यादातर सवाल, कबड्डी में गैंगस्टरों के दखल से जुड़े हुए थे।
विज्ञापन

खेल मंत्री ने कहा कि गैंगस्टरों का काम ही लोगों को डराना और दहशत फैलाना है। उन्होंने कहा कि खेल के जुड़े कुछ पदाधिकारियों और खिलाड़ियों को धमकियां आई हैं, जिसकी जांच शुरू कर दी गई है।

जेल में बंद गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया द्वारा अपनी कबड्डी फेडरेशन बनाने और अन्य फेडरेशनों पर दबाव बनाए जाने के बारे में पूछे गए सवाल पर खेल मंत्री ने कहा कि किसी भी खिलाड़ी को बिना डोप टेस्ट किए टूर्नामेंट में उतरने की अनुमति नहीं मिलेगी।

उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि गैंगस्टर कबड्डी में ड्रग से कमाया पैसा लगा रहे हैं। खेल मंत्री ने कहा कि ऐसी कोई जानकारी उन्हें नहीं है। उन्होंने कहा कि इन सभी मामलों की इंटेलिजेंस विभाग द्वारा जांच की जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि किसी भी खिलाड़ी और पदाधिकारी को डरने की जरूरत नहीं है।
विज्ञापन

उल्लेखनीय है कि नार्थ इंडिया सर्किल स्टाइल कबड्डी फेडरेशन के पदाधिकारियों ने वीरवार को डीजीपी से मुलाकात करके राज्य में कबड्डी मुकाबलों में गैंगस्टरों के दखल और ड्रग मनी के इस्तेमाल की शिकायत दी थी।

फेडरेशन द्वारा डीजीपी को यह भी बताया गया कि जेल में बंद गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया ने मेजर कबड्डी लीग नाम से अपनी फेडरेशन गठित कर ली है और न्यूजीलैंड में  बैठे अपने साथी के जरिए वह जेल से ही आपरेट कर रहा है।

फेडरेशन ने डीजीपी को कई मोबाइल नंबर भी दिए जो जेल के भीतर और विदेश से संपर्क बनाने में काम आ रहे थे। फेडरेशन ने यह भी बताया था कि भगवानपुरिया और उसके साधी फोन पर पुरानी फेडरेशनों के पदाधिकारियों को धमकियां देते हैं और अपने खिलाड़ियों को जबरन फेडरेशनों के टूर्नामेंटों में खेलाने का दबाव बनाते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें