अपराधियों के लिए अब वारदात को अंजाम देने के बाद देश के किसी भी हिस्से में जाकर छिप जाना आसान नहीं होगा। क्योंकि उन पर पुलिस का शिकंजा और सख्त होने जा रहा है। हरियाणा पुलिस विभाग केंद्र सरकार की पोलनेट योजना से जुड़ने जा रहा है। पुलिस आधुनिकीकरण प्रोजेक्ट के तहत ये योजना लागू की जा रही है। पंचकूला स्थित पुलिस मुख्यालय के भवन पर पोलनेट का टावर स्थापित होगा। इसे स्थापित करने वाली केंद्रीय एजेंसी ने अपना होमवर्क पूरा कर लिया है।
बीते वीरवार को एजेंसी के तकनीकी कर्मियों ने पुलिस मुख्यालय पहुंचकर पोलनेट सिस्टम स्थापित करने के लिए कांफ्रेंस रूम का सर्वे करने के साथ ही उच्च अधिकारियों से चर्चा भी की। पुलिस के उच्च अधिकारियों ने एजेंसी के कर्मियों के साथ अपने स्टाफ को पूरा सिस्टम समझने और उन्हें जरूरी जानकारी मुहैया कराने के लिए तैनात किया था। पोलनेट योजना पर केंद्र सरकार सौ करोड़ रुपये से अधिक राशि पूरे देश में खर्च कर रही है।
विशेष सेटेलाइट के जरिए देश भर में पुलिस सूचनाओं का अदान-प्रदान करेगी। यह सेटेलाइट केवल पुलिस के लिए ही होगा। कुछ अपराधों की दृष्टि से हरियाणा की गिनती भी संवेदनशील राज्यों में होती है। नशा तस्करों ने इसे अपनी नई शरणस्थली बनाया हुआ है। गैंगस्टर यहां वारदात को अंजाम देकर दूसरे राज्यों में शरण ले लेते हैं। अन्य अपराधों में शामिल अपराधी भी अनेक बार जल्दी पुलिस की पकड़ में नहीं आते। इसलिए पोलनेट योजना को प्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।