1977 से लेकर 2004 तक हुए 10 चुनावों में श्री आनंदपुर साहिब लोकसभा क्षेत्र (पहले रोपड़) से शिअद को पांच, कांग्रेस को चार और अकाली दल मान को एक बार सफलता हासिल हुई।
2004 तक यह क्षेत्र रोपड़ (रिजर्व) के नाम से जाना जाता था। परिसीमन के बाद 2009 में इसका नाम श्री आनंदपुर साहिब हो गया और यहां से कांग्रेस के रवनीत सिंह बिट्टू ने बड़े अंतर से सफलता हासिल की।
इस बार भी यहां से बिट्टू ही कांग्रेस के उम्मीवार हैं, जबकि शिअद ने अपने महासचिव प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा को मैदान में उतारा है।
अभी तक इस सीट का ट्रेंड जो भी रहा हो, लेकिन 2014 के चुनाव में कांटे का मुकाबला होना तय है। रवनीत बिट्टू पंजाब यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं, जबकि प्रो. चंदूमाजरा यूथ अकाली दल के।
इस प्रकार मुकाबला अपनी-अपनी पार्टियों की युवा इकाइयों के पूर्व अध्यक्षों के बीच है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि परिसीमन के बाद इस लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाली विधानसभा सीटें भी बदलीं।
जिला फतेहगढ़ साहिब तथा लुधियाना के अधीन आने वाले कुछ विधानसभा क्षेत्र इससे बाहर हो गए, जबकि शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर) के तीन और होशियारपुर का एक विधानसभा क्षेत्र इसके अधीन आ गए।
जिला रूपनगर और मोहाली से संबंधित बाकी एरिया करीब-करीब रोपड़ लोकसभा सीट वाला ही रहा। यह बदलाव निश्चित रूप से 2009 के आम चुनाव में कांग्रेस के रास आया और बिट्टू सांसद बन गए। इस बार का रुख आने वाला वक्त बताएगा।