सोमवार आधी रात तेज बारिश के साथ आई आंधी ने एक बार किसानों की चिंताएं बढ़ा दीं हैं।
बारिश के कारण जहां कई मंडियों में खुले आसमान के नीचे पड़ा किसानों का धान भीग गया, वहीं तेज आंधी ने खेतों में लहराती धान की फसल को बिछा दिया। इससे किसानों के चेहरों पर मायूसी साफ झलकती नजर आई। मंगलवार सुबह अपने भीगे धान को सुखाने में जुटे किसान बेहद दुखी नजर आए।
इन दिनों अनाज मंडी में धान की आमद काफी तेजी है। मंडी में खुले आसमान तले ज्यादातर किसानों का धान बारिश के कारण भीग गया। मंडी में किसानों का कहना था कि धान को ढकने के लिए उन्हें मुहैया करवाई गई तिरपालें भी फटी हुई थी।
दूसरी तरफ, जिले के गांव माझा, माझी, तूड़ी, नकटे, बींबड़, भट्टीवाल कलां और बलियाल आदि गांवों में किसानों द्वारा लगाए धान की 1121 किस्म का बारिश और तेज हवाओं के कारण सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। किसान सुखदेव सिंह, भरपूर सिंह, केवल सिंह, जरनैल सिंह नकटे, मिश्रा सिंह ने बताया कि बारिश ने उनकी फसलों का भारी नुकसान किया है। भवानीगढ़ मंडी के आढ़ती शमरिंदर गर्ग, वरिंदर मित्तल, मंगत शर्मा ने कहा कि बारिश से धान को बचाने के लिए उन्होंने किसानों के साथ बोरियों को ढक दिया था, जिससे काफी हद तक धान भीगने से बच गया।
उधर, पंजाब किसान और मजदूर सेल के उपाध्यक्ष रणजीत सिंह ने कहा कि मंडियों में खरीद प्रबंधों की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों को अब भीगे धान को सुखाने में न जाने कितना समय और मंडियों में गुजारना पड़ेगा।