केंद्र सरकार ने स्मार्ट सिटी की तीसरी लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में 27 नए शहरों को शामिल किया किया गया, जिनमें से 2 पंजाब के है। 27 शहरों की लिस्ट में अमृतसर और जालंधर को शामिल किया गया है। 27 शहरों को स्मार्ट बनाने पर 66, 883 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
स्मार्ट सिटी में शामिल हुए जालंधर में एक हजार एकड़ की जगह में नया रूप दिया जाएगा। निगम प्रशासन ने शहर के सबसे मशहूर बल्टर्न पार्क और उसके आसपास एक हजार एकड़ की जगह फाइनल की है, जिसमें एरिया बेस्ड डेवलपमेंट की जाएगी। मेयर सुनील ज्योति ने कहा कि इस पूरे एरिया को प्लानिंग के मुताबिक बनाया जाएगा। इस जगह पर स्पोर्ट्स हब के अलावा इंडस्ट्रियल और कामर्शियल यूनिट को तैयार किया जाएगा।
जालंधर स्पोर्ट्स हब के तौर पर होगा विकसित
स्मार्ट सिटी परियोजना की रफ्तार धीमी
पूरे एशिया में जालंधर की स्पोर्ट्स एंड मैन्यूफैक्चरिंग इंडस्ट्री का काफी नाम है। इसलिए जालंधर को स्पोर्ट्स हब के रूप में तैयार किया जाएगा। करीब 63 एकड़ में मल्टीपपर्स स्टेडियम, एजुकेशन सेंटर, अस्पताल बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जालंधर के स्मार्ट सिटी में आने पर पहले साल केंद्र और राज्य सरकार से 200-200 करोड़ रुपये मिलेंगे। इसके बाद बाकी के चार सालों में हर साल 100-100 करोड़ केंद्र और राज्य सरकार की ओर से दिए जाएंगे।
मेयर ने कहा कि स्मार्ट सिटी के तहत शहरवासियों को 24 घंटे के लिए पानी की सप्लाई होगी। शहर में ट्रांसपोर्ट की शुरुआत के साथ स्मार्ट पार्किंग और ई-रिक्शा चलाई जाएंगी। सड़कों पर एलईडी स्ट्रीट लाइट लगेंगी। मेयर ने कहा कि एरिया बेस्ड डेवलपमेंट के बाद पेन सिटी डेवलपमेंट के तहत निर्माण होगा। इसमें स्मार्ट ट्रांसपोर्ट पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके तहत बसों में एलईडी लगी होंगी, जो यात्रियों को हर स्टेशन की जानकारी देंगी। इसके अलावा स्वच्छ पानी और बेहतरीन सीवरेज सिस्टम दिया जाएगा। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फूल एचडी कैमरे भी लगेंगे।
क्या है स्मार्ट सिटी मिशन
स्मार्ट सिटी
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स्मार्ट सिटी मिशन के तहत केंद्र सरकार हर पांच साल में 500 करोड़ रुपये हर शहर के लिए देती है। इसमें राज्य भी अपना योगदान देते हैं। बाकी जरूरी संसाधन लोन, पब्लिक प्राइवेट पार्टनर्शिप (पीपीपी) और अन्य तरीकों से जुटाए जाएंगे। इस सिलसिले में सरकार ने डीएफआईडी और जेआईसीए जैसी कुछ विदेशी एजेंसियों से बहुपक्षीय ऋण संबंधी समझौते किए हैं। इसके तहत 500 मिलियर डॉलर हासिल होंगे। इसी तरह एडीबी और वर्ल्ड बैंक ने भी एक बिलियन डॉलर देने का भरोसा दिलाया है। इसके अलावा न्यू डेवलेपमेंट बैंक (ब्रिक्स बैंक) ने भी हर शहर के लिए 500 मिलियन डॉलर देने का प्रस्ताव रखा है।