चंडीगढ़। जिला अदालत ने आदेशों की अवहेलना पर सख्त रुख अपनाते हुए पंजाब रोडवेज को बड़ा झटका दिया है। अदालत ने इंडस्ट्रियल एरिया स्थित रोडवेज की वर्कशॉप को कुर्क करने के आदेश जारी किए हैं। यह कार्रवाई सेवानिवृत्त कंडक्टर अशोक कुमार को उनके बकाया वेतन और सेवानिवृत्ति लाभ न देने के मामले में की गई है।
करीब डेढ़ वर्ष पहले अदालत ने अशोक कुमार के पक्ष में फैसला सुनाते हुए विभाग को उनके सभी बकाया भुगतान जारी करने के निर्देश दिए थे लेकिन आदेशों का पालन नहीं किया गया। इसके बाद अशोक कुमार ने एग्जीक्यूशन पिटीशन दायर की जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने विभाग को फटकार लगाई और कुर्की के आदेश जारी कर दिए। अदालत ने साफ किया कि यदि अब भी आदेशों की पालना नहीं हुई तो और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जबरन सेवानिवृत्ति का मामला बना विवाद की जड़
63 वर्षीय अशोक कुमार को वर्ष 2013 में पंजाब रोडवेज ने जबरन सेवानिवृत्त कर दिया था। वह 1981 में कंडक्टर के रूप में नियुक्त हुए थे और जगराओं डिपो में तैनात थे। विभाग ने वर्ष 2012 में एक सड़क हादसे के मामले में उन्हें दोषी मानते हुए कार्रवाई की थी। हालांकि, इस मामले में निचली अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद अशोक कुमार ने अपील की और वर्ष 2014 में ऊपरी अदालत ने उन्हें बरी कर दिया। इसके बावजूद विभाग ने उनकी सेवानिवृत्ति बहाल नहीं की और पेंशन में पांच प्रतिशत कटौती भी जारी रखी।
अपील के बाद भी नहीं बदला फैसला
अशोक कुमार ने विभागीय कार्रवाई के खिलाफ अपील की जिस पर 10 जून 2015 को अपीलीय प्राधिकरण ने विभाग के आदेश रद्द कर मामले को पुनर्विचार के लिए भेजा। बावजूद इसके, वर्ष 2016 में विभाग ने फिर लगभग वही आदेश जारी कर उन्हें जबरन सेवानिवृत्त रखने का निर्णय बरकरार रखा। इसके बाद उन्होंने जिला अदालत का रुख किया, जहां अदालत ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए सभी बकाया लाभ देने के निर्देश दिए थे।
अदालत का कड़ा संदेश
ताजा आदेश में अदालत ने साफ संकेत दिया है कि न्यायिक आदेशों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वर्कशॉप कुर्क करने के निर्देश के साथ ही विभाग को चेतावनी दी गई है कि यदि अब भी आदेशों का पालन नहीं हुआ, तो आगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।