हरियाणा में विभिन्न विभागों के हजारों कर्मचारी आठ जनवरी को हड़ताल पर रहेंगे। हड़ताल का आह्वान केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और कर्मचारी संघों की फेडरेशन ने किया है। इसलिए प्रदेश के कर्मचारी भी कार्य बहिष्कार करेंगे। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रधान सुभाष लांबा ने बताया कि संघ, विभागीय यूनियनों व एसोसिएशन के नेतृत्व में 200 से ज्यादा टीमों ने सोमवार को सभी जिलों में विभिन्न विभागों में कर्मचारी सभाओं का आयोजन कर हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया।
मंगलवार को भी सभी विभागों, बोर्ड, निगमों, विश्वविद्यालयों, नगर निगमों, पालिकाओं व परिषदों में गेट मीटिंग की जाएंगी और मोटरसाइकिल के जत्थों के साथ शहरों एवं कस्बों में जूलुस निकाले जाएंगे। संघ के अध्यक्ष सुभाष लांबा, महासचिव सतीश सेठी व वरिष्ठ उप प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने कहा कि सोमवार को चलाया गया जनसंपर्क अभियान सफल रहा।
मुख्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बीस जुलाई 2019 की बैठक में मानी गई मांगों को लागू करने और जन सेवाओं के निजीकरण पर रोक लगाते हुए लंबित मांगों का बातचीत से समाधान करने की मांग की गई थी। लेकिन, कोई जबाब न मिलने के बाद 20 दिसंबर को 8 जनवरी की हड़ताल का नोटिस दिया गया, जिसे भी सरकार ने गंभीरता से लेने की बजाय आऊटसोर्सिंग की नीतियों को तेजी से लागू करना शुरू कर दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एनपीएस रद्द कर पुरानी पेंशन बहाल करने, सभी प्रकार के पार्ट टाइम व अनुबंध कर्मचारियों को पक्का करने, पक्का होने तक समान काम समान वेतन व सेवा सुरक्षा प्रदान करने, पंजाब के समान वेतन व पेंशन आदि मांगों के प्रति गंभीर नहीं है।
नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स के आह्वान पर 8 जनवरी को हरियाणा राज्य बिजली बोर्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन कार्य बहिष्कार करेगी। इससे संबंधित नोटिस बिजली निगम प्रबंधकों एवं राज्य सरकारों को प्रेषित कर दिया गया है। एसोसिएशन के सचिव जोगेंद्र मोर ने कहा कि बिजली क्षेत्र को केवल अति महत्वपूर्ण मूलभूत लोक जरूरत मानते हुए इसका संचालन ‘नो प्रॉफिट-नो लॉस’ की अवधारणा से किया जाए।
पिछले 20 वर्षों से बिजली क्षेत्र के निजीकरण के नित नए असफल प्रयोगों को अंजाम देकर बिजली क्षेत्र को वित्तीय घाटों में पहुंचाकर इसका ठीकरा कर्मचारियों के सिर पर फोड़ा जा रहा है। जिसे तुरंत प्रभाव से बंद करें। राज्य प्रधान अभिमन्यु धनखड़ ने बताया कि 8 जनवरी को हड़ताल व कार्य बहिष्कार कर अपनी प्रमुख मांगों की ओर ध्यान आकृष्ट कराया जाएगा।
सरकार समान काम, समान वेतन के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को लागू करे। सभी श्रेणी के समस्त खाली पदों पर नियमित भर्ती की जाए। रोजमर्रा के बिजली परिचालन व रखरखाव के कार्यों में ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर ठेका कर्मियों को तेलंगाना सरकार के आदेश की तरह नियमित करें।
अनुबंधित विद्युत कर्मचारी संघ हड़ताल में नहीं होगा शामिल
हरियाणा अनुबंधित विद्युत कर्मचारी संघ 8 जनवरी को प्रस्तावित हड़ताल में शामिल नहीं होगा। भारतीय मजदूर संघ से संबंधित इस यूनियन की प्रदेश कार्यकारिणी की आपातकालीन बैठक सोमवार को चंडीगढ़ में हुई। जिसमें यह फैसला लिया गया। प्रदेश अध्यक्ष दिनेश वशिष्ठ ने कहा कि अनुबंधित विद्युत कर्मचारी संघ राष्ट्रहित और कर्मचारी हित के लिए कार्य करता है।
ट्रेड यूनियनों की हड़ताल में देश में लागू नागरिकता संशोधन कानून का विरोध भी है, इसलिए अनुबंधित विद्युत कर्मचारी संघ से जुड़ा कोई भी कर्मचारी इस हड़ताल में भाग नहीं लेगा। प्रदेश महासचिव सुनील राणा ने कहा कि हरियाणा सरकार और बिजली विभाग के अधिकारी कच्चे कर्मचारियों का शोषण कर रहे हैं जोकि श्रम कानूनों का उल्लंघन है। इसके लिए संगठन लड़ाई जारी रखेगा।