ये हैं प्रमुख मांगें
कच्चे मुलाजिमों को पक्का करना, वेतन में पांच फीसदी बढोतरी, ब्लैक लिस्ट किए मुलाजिमों को बहाल करना, नए भर्ती व बहाल हुए मुलाजिमों के वेतन में एक समानता, गैरकानूनी ढंग के ठेकेदार को टेंडर देने के मामले में कार्रवाई आदि प्रमुख मांगें हैं। यूनियन के अध्यक्ष रेशम सिंह ने कहा कि 2 जून की बैठक में उनकी मांगों पर 15 दिन में फैसला लेने की बात कही गई लेकिन हुआ कुछ भी नहीं।
पीआरटीसी को 75 लाख का नुकसान
पीआरटीसी के जीएम (ऑपरेशन) सुरिंदर सिंह ने बताया कि पीआरटीसी को मंगलवार के चक्का जाम से एक ही दिन में 75 लाख रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ। इसी बीच परिवहन विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी के साथ हड़ताली मुलाजिमों की यूनियन की बैठक भी हुई, जिसमें हड़ताली मुलाजिमों को उनकी मांगों पर विचार का भरोसा दिलाया गया है। सुरिंदर सिंह ने कहा कि चक्का जाम से कॉरपोरेशन को कुल आय में 30 फीसदी का नुकसान हुआ है।