सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का अधिकार क्षेत्र बढ़ाने के विरोध में पंजाब सरकार मुखर हो गई है। केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ सोमवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में भाजपा को छोड़कर सभी विपक्षी दलों ने पंजाब सरकार के साथ कदम से कदम मिलने पर सहमति जताई। पंजाब सरकार अगले 15 दिन में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर बीएसएफ का दायरा बढ़ाने के फैसले को रद्द करेगी।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री चन्नी ने बताया कि विशेष सत्र में पहला प्रस्ताव में केंद्र सरकार सूबे में बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र पहले जैसा ही बनाए रखे और दूसरे में तीनों विवादित कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग की जाएगी। चन्नी यह भी कहा कि राज्य सरकार इस मामले में कानूनी राय ले रही है और जल्द ही केंद्र के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी।
पीएम व गृहमंत्री से मुलाकात पर चन्नी को घेरा
सर्वदलीय बैठक में अकाली दल और आप मुख्यमंत्री से पूछा कि वह बताएं कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के साथ उनकी मुलाकात के दौरान बीएसएफ संबंधी क्या बात हुई थी? शिअद नेता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि अगर राज्य सरकार ने थोड़ी सख्ती दिखाई होती तो पंजाब को आज यह दिन न देखना पड़ता। आप सांसद भगवंत मान ने कहा कि पहले कैप्टन ने केंद्र सरकार द्वारा थोपे गए फैसले का विरोध नहीं किया, अब चन्नी ने पंजाब को केंद्र के केंद्र के हवाले कर दिया गया।
पीएम से मिलने का समय मांगेंगे सीएम
बैठक में फैसला लिया गया कि प्रधानमंत्री से मिलने के लिए समय मांगा जाए, ताकि मुख्यमंत्री प्रत्येक सियासी दल का एक प्रतिनिधिमंडल लेकर प्रधानमंत्री से मिलें और उन्हें बीएसएफ संबंधी फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा जाए।
बैठक में उपस्थित रहे इन दलों के नेता
सर्वदलीय मीटिंग में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू, आम आदमी पार्टी के प्रधान भगवंत मान, विरोधी पक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा, सीनियर अकाली नेता प्रेम सिंह चंदूमाजरा, पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा, शिअद (संयुक्त) बीर दविन्दर सिंह, सीपीआई (एम) के सुखविंदर सिंह सेखों, सीपीआई के बंत सिंह बराड़, टीएमसी पंजाब यूनिट के मनजीत सिंह मोहाली, बसपा के नछत्रपाल, आप विधायक अमन अरोड़ा, लोक इंसाफ पार्टी के प्रधान और विधायक सिमरजीत सिंह बैंस, शिरोमणि अकाली दल (1920) के हरबंस सिंह और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी गुरिंदर सिंह ने अपने विचार रखे। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री ओपी सोनी, कैबिनेट मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा, मनप्रीत सिंह बादल, विजय इंदर सिंगला, परगट सिंह, रणदीप सिंह नाभा और पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वर्किंग प्रधान कुलजीत सिंह नागरा भी उपस्थित रहे।
मुझ पर लगाए जा रहे आरोप गलत: चन्नी
मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि जो लोग मुझ पर आरोप लगा रहे हैं कि मैंने प्रधानमंत्री और अन्य केंद्रीय मंत्रियों से मिलकर पंजाब के हितों को बेच दिया है, मैं सुखबीर बादल से पूछना चाहता हूं कि क्या वे भी केंद्र में जब किसी मंत्री से मिलते थे, तो पंजाब के हितों का सौदा करने जाते थे। पंजाब के हित मेरे लिए सर्वोपरि हैं। पंजाब की रक्षा मेरे खून में हैं, भले ही मेरी नसें काटकर देख लीजिए। पंजाब के हित पहले हैं और ओहदा बाद में।