अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। अमेरिकी सेना में दाढ़ी रखने पर प्रतिबंध लगाने का पंजाब में विरोध तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद मलविंदर सिंह कंग ने इसकी निंदा करते हुए इस मामले में केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि अमेरिकी सरकार पर दबाव बनाकर इस फैसला को वापस करवाया जा सके। कंग ने कहा कि वर्ल्ड वॉर में सिखों का अहम योगदान रहा है और सिख अब अमेरिकी सेना का हिस्सा हैं। केश सिखों की पहचान है और सरकार के इस फैसले से सिखों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। अमेरिकी सरकार को दाढ़ी-केश काटने के आदेशों को रद्द कर देना चाहिए।
आप विधायक इंद्रबीर सिंह निज्जर ने कहा कि अमेरिकी सरकार ने यह दुखद फैसला लिया है। बयान आया है कि जितने भी अमेरिकी फौज में सैनिक भर्ती हैं, वे दाढ़ी नहीं रख सकेंगे। सिखों ने बहुत लंबी लड़ाई लड़ कर 2017 में यह फैसला बदलवाया था कि सिख दाढ़ी रख सकते हैं इसलिए इस फैसले को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।
अमेरिकी सरकार के समक्ष मामला उठाएं विदेश मंत्री : सुखबीर बादल
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने रविवार को केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से अपील की है कि वह अमेरिकी सेना में दाढ़ी पर प्रतिबंध का मुद्दा वहां की सरकार के समक्ष उठाएं ताकि इस फैसले को वापस करवाया जा सके। इसे लेकर सुखबीर ने विदेश मंत्री को पत्र लिया है। उन्होंने लिखा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सिख बिना किसी भेदभाव के अपने धर्म का पालन कर सकें।