लोकसभा चुनाव के खत्म होने के बाद पंजाब के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगने वाला है। पावरकॉम बिजली के रेट 15 फीसदी तक बढ़ाने की तैयारी कर चुका है। लेकिन सूबे में आचार संहिता लागू होने के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका है। ऐसे में चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद रेट बढ़ाए जाएंगे। लगभग चार महीने तक आम जनता को पुराने रेट पर बिजली बिल भेजा जाएगा। इसके तुरंत बाद बिजली विभाग एक अप्रैल 2019 से बकाया राशि आम पब्लिक को भरने के लिए मजबूर करेगा।
ऐसे में लगभग 1200 करोड़ का बकाया राशि जनता को चुकाना होगा। फेडरेशन ऑफ पंजाब स्माल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन प्रधान बदीश जिंदल के अनुसार कुछ समय पहले पंजाब स्टेट इलैक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन की बैठक लुधियाना में व्यापारियों के साथ हुई थी। इस बैठक में उन्होंने साफ कर दिया कि अगर बिजली के रेट बढ़ाए जाने हैं, तो समय पर बढ़ा दिया जाए। क्योंकि बाद में बढ़ाने पर व्यापारियों को सबसे बड़ी समस्या खड़ी हो जाती है। उन्हें पावरकाम को बकाया राशि देनी पड़ती है।
इसके बावजूद भी बिजली रेट को नहीं बढ़ाया गया, जबकि 15 फीसदी तक बिजली रेट बढ़ाने की तैयारी हो चुकी है। सिर्फ चुनाव आचार संहिता के कारण इसे केंद्र में नई सरकार बनने के बाद लागू किया जाएगा और पब्लिक को एक अप्रैल से बकाया देना पड़ेगा। जोकि सरासर गलत है। अगर पंजाब की इंडस्ट्री की बात करे तो इससे 500 करोड़ का नुकसान होगा। क्योंकि वह अपने उत्पादों में बढ़े बिजली रेट को नहीं जोड़ सकते है। अगर सभी सेक्टर मिला लिए जाए तो बकाया राशि 12 सौ करोड़ बनेगी।
2017 में भी इसी तरह हुआ
बता दें कि 2017 में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर रेगुलेटरी कमीशन में अक्टूबर महीने में बिजली रेट को बढ़ाया था। जबकि इसे लागू एक अप्रैल 2017 से किया गया। ऐसे में इंडस्ट्री सहित सभी सेक्टरों को सात महीने का बकाया चुकाना पड़ा था। कई इंडस्ट्री को यह बकाया राशि दो करोड़ से पांच करोड़ तक बन गई थी। इस मामले में सरकार से बात भी कई गई, पहले बकाया राशि छोड़ने से लेकर कई वादे किए गए। लेकिन आखिरकार सभी लोगों को बकाया राशि भरनी पड़ी थी।
पंजाब में कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने से पहले इंडस्ट्री से वादा किया था कि 5 रुपये प्रति यूनिट बिजली दी जाएगी। दो साल होने जा रहे हैं लेकिन इंडस्ट्री को कोई राहत नहीं दी गई। अब बिजली रेट बढ़ाने और बकाया राशि वसूलने से इंडस्ट्री पर बोझ पड़ेगा। सरकार को चाहिए जिस दिन बिजली रेट बढ़ाने की बात कहे, उसी दिन से लागू किया जाए।
- हरीश केयरपाल, वित्त सचिव निटवियर एंड टेक्सटाइल क्लब।
बिजली रेट बढ़ाने का काम रेगुलेटरी कमीशन का है। हमारे पास इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।
- बलदेव सिंह फरां, पीएसपीसीएल, चेयरमैन पंजाब