बकाया डीए-डीआर मामले में हाईकोर्ट की सख्ती के बाद कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल ने सरकार को घेरा
ढिल्लों ने अदालत को गुमराह करने का आरोप लगाया, परगट और मजीठिया ने सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब के सरकारी कर्मचारियों के लंबित डीए और डीआर के मामले में हाईकोर्ट की सख्ती के बाद सियासत गरमा गई है। हाईकोर्ट ने मंगलवार को मुख्य सचिव केएपी सिन्हा को आपराधिक अवमानना का नोटिस जारी किया। इसके बाद कांग्रेस, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के नेताओं ने आम आदमी पार्टी सरकार को घेरा और कर्मचारियों के साथ धोखा करने का आरोप लगाया।
अदालत को गुमराह करने का आरोप
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने आरोप लगाया कि डीए मामले में सरकार ने हाईकोर्ट को गुमराह किया और आठ लाख कर्मचारियों-पेंशनरों के हितों से खिलवाड़ किया। उन्होंने कहा कि अदालत में सरकार का पक्ष सामने आने के बाद आप सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष एवं विधायक परगट सिंह ने कहा कि जिन कर्मचारियों और आम लोगों से सरकार ने बड़े वादे किए थे, उन्हें अपने जायज हक के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है। उन्होंने मुख्य सचिव को आपराधिक अवमानना का नोटिस जारी होने को गंभीर मामला बताया।
मजीठिया बोले- झूठ बेनकाब
अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने आरोप लगाया कि डीए देने से बचने के लिए सरकार ने संदिग्ध तरीके अपनाए। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट की कार्रवाई से सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए हैं।