इससे नशा तस्करों और सप्लायरों के खिलाफ एनडीपीएस मामलों में जारी जांच प्रक्रिया में भी सुधार आएगा। वहीं, कानून, फॉरेंसिक, कॉमर्स और अन्य क्षेत्रों में ग्रेजुएशन कर चुके नौजवानों की भर्ती से पंजाब की पढ़ी-लिखी नौजवान पीढ़ी को रोजगार के साथ ही पंजाब पुलिस सेवा में अपना करिअर बनाने का मौका मिलेगा।
पुलिस भर्ती बोर्ड सीधे करेगा नियुक्तियां
यह भर्ती प्रक्रिया उक्त पदों को अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड के अधिकार क्षेत्र से बाहर करके पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा पूरी की जाएगी। इससे ब्यूरो को मौजूदा पंजाब पुलिस मिनिस्टीरियल स्टाफ रूल्ज के अनुसार मिनिस्टीरियल स्टाफ के पूरे 159 पद भरने में मदद मिलेगी और साथ ही नये प्रस्तावित सेवा नियमों के अनुसार सिविलियन सहायक स्टाफ के 798 पदों को भरने में भी मदद मिलेगी।
सबार्डिनेट रैंकों (इंस्पेक्टर से कांस्टेबल) के बाकी बचे 1947 पद, जोकि पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन द्वारा मंजूर कुल 4521 पदों का हिस्सा हैं, को आरंभिक तौर पर पंजाब पुलिस से डेपुटेशन और उसके बाद पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन के रैंकों से तरक्की द्वारा भरा जाएगा।
कैबिनेट द्वारा ‘द पंजाब पुलिस इन्वेस्टिगेशन काडर सबार्डिनेट रैंक (अप्वाइंटमेंट एंड कंडीशन ऑफ सर्विस) रुल्स, 2020’ को भी मंजूरी दी गई है, जिससे पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन काडर के सबार्डिनेट रैंकों (कांस्टेबल से इंस्पेक्टर) की सेवा शर्तों और भर्ती /नियुक्ति की जाएगी। इस पुनर्गठन से पुलिस के कामकाज में और तेजी आएगी। देरी घटेगी और जांच पड़ताल रफ्तार पकड़ेगी।
इन गंभीर मामलों से निपटेगा इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो
पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन प्राथमिक तौर पर गंभीर अपराध वाले मामलों से निपटेगा, जिनमें होमीसाइड और फॉरेंसिक (एच एंड एफ) यूनिट, क्राइम अगेंस्ट वुमेन एंड चिल्ड्रन यूनिट, नारकोटिक ड्रग्स एंड साइंकोट्रोपिक सबस्टांसेज (एनडीपीएस) यूनिट, स्पेशल क्राइम (एससी) यूनिट और आर्थिक अपराध और साइबर क्राइम यूनिट शामिल हैं। इस तरह के अपराध राज्य में होने वाले कुल अपराधों का 14 से 15 प्रतिशत हैं।
कोविड से निपटने को सरकार सोशल मीडिया में बढ़ाएगी वर्चस्व
कोरोना से निपटने को लेकर पंजाब सरकार सोशल मीडिया पर अपना वर्चस्व बढ़ाएगी। इसके अंतर्गत 15 सोशल मीडिया विशेषज्ञ टीमों को आउटसोर्सिंग पर रखा जाएगा। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि पंजाब कैबिनेट ने बुधवार को इन टीमों को रखने के लिए 7 करोड़ रुपये के सालाना बजट को मंजूरी दे दी, जिससे इस क्षेत्र के पेशेवर और विशेषज्ञों को रखा जा सकेगा।
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि इससे कोरोना महामारी से जुड़ी जानकारी को प्रभावशाली ढंग से पहुंचाने के लिए लोक संपर्क विभाग की कोशिशों को भी मजबूती मिलेगी। मंत्रिमंडल ने महसूस किया कि राज्य सरकार के कुछ विभागों का लोगों के साथ बड़े स्तर पर तालमेल रहता है, इसलिए यह जरूरी हो जाता है कि महामारी से संबंधित सारी महत्वपूर्ण जानकारी और इसके मुकाबले के लिए रोकथाम उपायों को नियमित रूप से सोशल मीडिया पर उपलब्ध कराया जाए। सोशल मीडिया टीमें बड़े स्तर पर इन विभागों और लोगों के बीच के फासले को दूर करने का काम करेंगी।
63 सोशल मीडिया विशेषज्ञों की ली जाएंगी सेवाएं
विभागों की जरूरतों को पूरा करने के लिए मंत्रिमंडल ने 63 सोशल मीडिया पेशेवरों/विशेषज्ञों की सेवाएं लेने की मंजूरी दे दी है। जिनमें एक मीडिया मैनेजर, दो सहायक मीडिया मैनेजर, 15 डिजिटल वीडियो एग्जीक्यूटिव, 15 वीडियो एडिटर्स, 15 ग्राफिक्स डिजाइनर और 15 कंटेंट राइटर को आउटसोर्सिंग पर एक साल के लिए रखा जाएगा।
इस क्षेत्र में बहुत तेजी से होने वाले बदलाव के कारण पेशेवरों की भर्ती लंबे समय के लिए करना संभव नहीं है। ये टीमें कोरोना महामारी से जुड़ी सावधानियां, नियमों आदि को लोगों तक जागरूकता पहुंचाने के अलावा गलत जानकारी (अफवाहों) को रोकने के लिए नियमित रूप से भरोसे योग्य और अपडेटेड जानकारी प्रदान करती रहेंगी।