पंजाब पुलिस ने कुल 207 लोगों को हिरासत में लिया था। इसमें 30 लोगों पर ही केस दर्ज किया है, जबकि शेष 177 लोगों को छोड़ने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है। वहीं पांच लोगों को असम की डिब्रूगढ़ केंद्रीय जेल भेजा गया है।
एडीजीपी (कानून-व्यवस्था) अर्पित शुक्ला ने कहा कि अच्छे आचरण के वादे के साथ इन लोगों को रिहा किया गया है। आईजी (मुख्यालय) सुखचैन सिंह गिल ने कहा कि राज्य के सीएम भगवंत मान का साफ आदेश है कि किसी के साथ गलत नहीं होना चाहिए।
याद रहे कि इस मामले में पुलिस ने कुल 207 लोगों को हिरासत में लिया था। इसमें 30 लोगों पर ही केस दर्ज किया है, जबकि शेष 177 लोगों को छोड़ने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है। वहीं पांच लोगों को असम की डिब्रूगढ़ केंद्रीय जेल भेजा गया है। इन लोगों को पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की गई है। वहीं अभी 'वारिस पंजाब दे' संगठन के प्रमुख व खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह पंजाब पुलिस की पकड़ से दूर है। उसे आखिरी बार हरियाणा में देखा गया है। इसके बाद उसका कुछ पता नहीं है। अमृतपाल पर भी रासुका के तहत कार्रवाई की गई है।