फादर एंथनी से 9.66 करोड़ की राशि की बरामदगी के बाद 6.5 करोड़ रुपये गायब करने के मामले में पंजाब की क्राइम पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। जांच एक डीएसपी की तरफ भी घूम गई है। टीम डीएसपी व दोनों एएसआई का कनेक्शन खोज रही है और पुख्ता सबूत एकत्रित कर रही है।
क्राइम पुलिस की टीम दोनों एएसआई की मोबाइल कॉल्स डिटेल के अलावा लोकेशन भी जांच ही है। आईजी क्राइम प्रवीण कुमार सिन्हा का कहना है कि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन टीम ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। सूत्रों के मुताबिक, जिस डीएसपी पर जांच टीम की निगाह तीखी हुई है, उसका कार्यकाल विवादित रहा है।
उस आपराधिक मामले भी दर्ज हो चुके हैं और एक आईपीएस अधिकारी के साथ भी उसका नाम विवादों में आया था, जिसमें एक एनआरआई के साथ वसूली की गई थी। यह डीएसपी कुछ समय पहले प्रोमोट हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों एएसआई राजप्रीत सिंह व जोगिंदर सिंह को फरार करवाने में डीएसपी की भूमिका संदिग्ध रही है।
दो जांच टीम मुखबिर से पूछताछ के लिए तैनात
आईजी क्राइम ने दो जांच टीम मुखबिर से पूछताछ के लिए तैनात कर रखी हैं, जो लगातार उससे एक-एक सवाल का उत्तर ले रही हैं। खन्ना पुलिस ने जिस दिन जालंधर के प्रतापुरा में छापा मारा, उस दिन टीम में दो एएसआई जोगिंदर व राजप्रीत थे। उनके साथ पुलिस का मुखबिर सुरिंदर भी था। तीनों वरना कार में थे।
जब ग्राउंड फ्लोर पर 9.60 करोड़ रुपये जब्त करके खन्ना पुलिस की पहली पार्टी निकल गई तो वरना कार वाले मुलाजिम पहली मंजिल पर पहुंच गए, वहां पर 6.5 करोड़ रुपये थे। उन्होंने उस राशि को समेटा और कार में रख लिया। यह पुलिस टीम प्रतापपुरा से पहली पार्टी के निकलने के करीब 15 मिनट बाद निकली और काफी समय बाद खन्ना पहुंची।
इन्होंने बाकायदा खन्ना जाने लिए अलग रूट का इस्तेमाल किया। जांच में सामने आया कि 70 फीसदी बड़े नोट गायब थे, जिनको तीनों ने खुर्दबुर्द कर दिया। मुखबिर सुरिंदर की गिरफ्तारी के बाद ऐसी आशंका थी कि मामले में तस्वीर साफ हो जाएगी और रिकवरी हो जाएगी, लेकिन सुरिंदर से पुलिस को कुछ भी रिकवर नहीं हुआ है।
आईजी क्राइम प्रवीण कुमार सिन्हा का कहना है कि उनकी जांच जारी है और दोनों एएसआई की गिरफ्तारी व रिकवरी की कोशिश की जा रही है।