जालंधर में पादरी के घर से करोड़ों रुपये के गबन के मामले में गिरफ्तार सात लोगों को शुक्रवार को जिला अदालत में पेश किया गया। इनमें कोच्चि से पकड़े गए एएसआई राजप्रीत सिंह व जोगिंदर सिंह के अलावा पांच अन्य आरोपी अमरीक सिंह, गुरप्रीत सिंह, मोहम्मद शकील, संजीव कुमार व दविदंर कुमार शामिल हैं।
अदालत में क्राइम ब्रांच की टीम ने दोनों पुलिस वालों का सात दिन का रिमांड मांगा, जबकि अदालत ने उन्हें पांच दिन के रिमांड पर भेज दिया। अन्य आरोपी तीन दिन के रिमांड पर रहेंगे।
जानकारी के मुताबिक पुलिस ने कोच्चि से दोनों एएसआई जोगिंदर सिंह व राजप्रीत सिंह को गिरफ्तार कर उनसे छह करोड़ के गबन के बारे में सवाल किए थे। उन्होंने 2.38 करोड़ रुपये जिन लोगों के पास थे, उनके नाम बताए तो स्पेशल क्राइम ब्रांच की टीम ने तुरंत पंजाब के विभिन्न हिस्सों में छापामारी कर 5 लोगों के घरों से 2.38 करोड़ रिकवर कर लिए थे। हालांकि अभी तक एक आरोपी निर्मल सिंह पुलिस के हाथ नहीं लगा है।
पुलिस टीमें इसकी तलाश में छापामारी कर रही हैं। एसआईटी के अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जल्दी ही कई और राज खुलेंगे।
जिक्रयोग है कि जैसे ही चुनाव आचार संहिता लगी थी, इसी बीच खन्ना पुलिस ने नाके पर करोड़ों रुपये पकड़ने का दावा किया था। इसी बीच यह मामला उस समय तूल पकड़ा जब पादरी ने आरोप लगाया कि रुपये उनके घर से पकडे़ गए हैं। साथ ही पकड़ी गई राशि में से करीब छह करोड़ रुपये गायब हैं। मामला निर्वाचन आयोग तक पहुंच गया था। इसके बाद जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी।