मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बेटे रणइंदर सिंह मंगलवार को जालंधर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कार्यालय में पेश नहीं हुए। रणइंदर को मंगलवार को ओलंपिक गेम्स को लेकर हो रही बैठक में हिस्सा लेना था। ईडी दफ्तर में सुबह से ही रणइंदर का इंतजार हो रहा था और अधिकारियों ने सवालों की पूरी सूची तैयार कर रखी थी लेकिन वे नहीं पहुंचे। उनके अधिवक्ता जयवीर शेरगिल ने ट्वीट कर यह जानकारी दी।
शेरगिल ने ट्वीट किया कि ओलंपिक गेम्स की तैयारियों को लेकर रणइंदर को संसदीय कमेटी की बैठक में शामिल होना है, इसलिए वे आज ईडी दफ्तर नहीं आ पाएंगे। साथ ही उन्होंने यह भी लिखा कि रणइंदर के खिलाफ दर्ज मामला गलत है। रणइंदर नेशनल राइफल एसोसिएशन के प्रधान भी हैं।
लुधियाना में आयकर विभाग ने रणइंदर सिंह और कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में केस दर्ज किया हुआ है। इस मामले में अभी सुनवाई चल रही है। ईडी ने पहले आयकर विभाग से संबंधित दस्तावेजों की मांग की थी लेकिन आयकर विभाग ने गोपनीयता के कानून को आधार बनाकर ईडी को दस्तावेज उपलब्ध करवाने से मना कर दिया था।
2014-15 में पहली बार इस संबंध में रणइंदर सिंह को समन जारी किया गया था। दुबई में प्रापर्टी, विदेश में बैंक खाते और उनके द्वारा की गई ट्रांजेक्शन को आधार बनाकर ईडी रणइंदर के खिलाफ मामले की जांच कर रही है। ईडी ने रणइंदर सिंह से स्विट्जरलैंड के एक बैंक में ट्रांसफर किए गए फंड का स्रोत भी पूछा था।
इसके अलावा एक ट्रस्ट बनाने और ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड के टैक्स हेवेन में पैसे ट्रांसफर करने के मामले में समन जारी किया गया था। बाद में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने बेटे के खिलाफ लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया था। तब अमरिंदर सिंह ने अपने बेटे को नोटिस मिलने के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली पर निशाना साधा था।