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अयोध्या ढांचा विध्वंस: अदालत के फैसले पर पंजाब के इन नेताओं ने जताई खुशी, पढ़ें- किसने क्या कहा

Thu, 01 Oct 2020 01:29 AM IST
ajay kumar अमर उजाला नेटवर्क, पंजाब
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अयोध्या के विवादित ढांचा मामले में कोर्ट के फैसले पर फरीदकोट के हिंदू नेताओं ने भी खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि यह केस राजनीतिक विरोध भावना के साथ दर्ज किया गया था और देश की न्यायिक व्यवस्था ने अपने फैसले में स्पष्ट कर दिया है कि घटना पूर्व नियोजित नहीं थी, बल्कि एक आकस्मिक घटना थी। 

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श्री राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े कोटकपूरा के मास्टर हरबंस लाल शर्मा ने कहा कि फैसला आने से हिंदू समाज के लाल कृष्ण आडवाणी जैसे बड़े नेताओ के दामन पर लगा दाग साफ हो गया है। अयोध्या में भगवान श्री राम की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण की शुरुआत हो चुकी है, ऐसे समय पर इस फैसले से हिंदू समाज में खुशी चार गुना बढ़ गई है। 

आरएसएस के नेता गगनदीप कक्कड़ ने कहा कि 6 दिसंबर 1992 की घटना अचानक हुई थी, जबकि जो नेता कार्यकर्ताओं को रोकने की कोशिश कर रहे थे, उन्हें आरोपी बनाकर अदालत में खड़ा कर दिया गया था। अदालत के फैसले से सत्य की जीत हुई है। भाजपा के पूर्व जिला प्रधान श्याम लाल मैंगी ने कहा कि अदालत का फैसला सुनते ही उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक गए। 
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होशियारपुर: यह रामभक्तों की बड़ी जीत: अविनाश राय खन्ना
अयोध्या में विवादित ढांचा गिराये जाने के मामले में भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना ने कोर्ट के फैसले को एतिहासिक बताया। खन्ना ने कहा कि यह रामभक्तों की बड़ी जीत है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और अन्य धार्मिक संगठनों के राम भक्तों को धर्म विरोधी ताकतों ने झूठे मुकदमों में फंसाया था। केंद्र में मोदी नेतृत्व वाली भाजपा की सरकार आने पर राम मंदिर का निर्माण शुरू हुआ और अब न्यायालय ने सभी को बरी कर दिया है। 

अयोध्या आंदोलन की शुरुआत से जुड़े और 1992 की कारसेवा में शामिल रहे रिटायर्ड एक्सईएन (कार्यकारी अभियंता) रविंदर अग्रवाल ने बताया कि भगवान ने ही अपने भक्तों की लाज रखी है। सत्य की हमेशा जीत होती है। भवानी नगर स्थित कालीबाड़ी सिद्ध पीठ के महंत डॉ. सुरेश शर्मा ने कहा कि यह फैसला उन सभी लोगों के लिए झटका है जो रामभक्तों को बदनाम करने के लिए षड्यंत्र रच रहे थे। 

श्री राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े मनोज शर्मा ने कहा कि न्यायालय के निर्णय के बाद यह साबित हो गया है कि यह स्थल हिंदूओं का है और करीब 500 वर्षों से कुछ लोग इस पर कब्जा किए हुए थे। फैसला स्वागत योग्य है।

गलत मामले दर्ज किए गए, कांग्रेस माफी मांगे: मनोरंजन कालिया
विवादित ढांचा मामले में हिंदू संतों व नेताओं पर एक साजिश के तहत इसलिए मामले दर्ज किये गए थे, ताकि एक खास समुदाय की वोट को बटोरा जा सके। यह बात एक सुर में उन लोगों ने कही जो इस घटना के साक्षी और आंदोलन का हिस्सा रहे। पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया ने कहा कि विवादित ढांचा गिराने के मामले में झूठे मामले दर्ज किए गए थे, क्योंकि यह राजनीति से प्रेरित था। 

इस मामले में कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिये। हिंदू संतों और भाजपा नेताओं को बदनाम करने की एक साजिश थी। हिंदी सुरक्षा समिति के प्रधान मंदीप बख्शी का कहना है कि अदालत में आकर इंसाफ मिला है। अब साफ हो गया है कि हिंदू नेताओं को बेवजह अदालतों में घसीटा गया, उनका कोई कसूर नहीं था। 
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वहीं गोसेवा आयोग के पूर्व चेयरमैन कीमती भगत का कहना है कि इंसाफ की जीत हुई है। हिंदू नेताओं व संतों का कोई कसूर नहीं था। इतने साल अदालतों में प्रताड़ित किया गया, इसके लिए कौन जिम्मेदार है? धर्म जागरण के सुनील सहगल का कहना है कि बुधवार को अदालत के फैसले से खुशी है कि देर है अंधेर नहीं। 

पटियाला: ‘एतिहासिक फैसला है, सच्चाई की जीत हुई’
विवादित ढांचा विध्वंस मामले में कोर्ट के फैसले का हिंदू नेताओं ने जोरदार स्वागत किया और इसे एतिहासिक बताया। श्री हिंदू तख्त के जगद्गुरु पंचानंद गिरि जी महाराज ने कहा कि कोर्ट के फैसले का वह जोरदार स्वागत करते हैं। इस मामले में बरी वरिष्ठ नेताओं व सभी अन्य के खिलाफ केस बनता ही नहीं था। लेकिन देर आए दुरुस्त आए, आज सभी को कोर्ट से न्याय मिल गया है।

अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा समिति पंजाब के वरिष्ठ उप प्रधान राजेश केहर ने कहा कि कोर्ट ने एक एतिहासिक फैसला दिया है। इससे हिंदूओं की देश की न्यायपालिका में आस्था और बढ़ी है। बस अब मोदी सरकार से यही उम्मीद है कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण कराया जाए। 

शिव सेना बाल ठाकरे के वरिष्ठ नेता हरीश सिंगला के मुताबिक यह बुराई पर सच्चाई की जीत है। आगे कहा कि इस साल अयोध्या में श्री राम मंदिर का निर्माण शुरू हो गया और अगले माह विजयदशमी का भी पर्व है। इस बीच कोर्ट के इस फैसले ने सारे देश में खुशी की लहर दौड़ा दी। 

विवादित ढांचे पर फैसला, सत्य की जीत: सरां 
विवादित ढांचे के मामले में कोर्ट के फैसले को सत्य की जीत बताते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं ने बठिंडा के सद्भावना चौक पर लड्डू बांटकर खुशी जताई। शहर के भाजपा नेता सुखपाल सरां ने कहा कि अदालत के फैसले से सत्य की जीत हुई है। उन्होंने कहा कि उस समय देश में कांग्रेस की सरकार थी। इस दौरान भाजपा नेताओं को विवादित ढांचे के मामले में फंसाया गया था। लेकिन अब अदालत ने सही समय पर सही फैसला सुनाया है। भाजपा नेता सुखपाल सरां ने कहा कि जब वह अपने साथियों के साथ विवादित ढांचे को लेकर आंदोलन में हिस्सा लेने जा रहे थे तो डर भी सता रहा था कि कहीं रास्ते में पुलिस की गोली का शिकार न हो जाएं। उस समय पुलिस फोर्स बडे़ स्तर पर तैनात की गई थी।
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