पंजाब में जहरीली शराब के कारण मरने वालों का आंकड़ा पिछले तीन दिनों से लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक प्रदेश के तीन जिलों में 110 लोगों की मौत इससे हो गई है। आलम यह है कि श्मशान घाट और तरनतारन की सिविल अस्पताल के शव गृह में शवों को रखने की जगह तक कम पड़ रही है। तरनतारन के शव गृह में शव रखने को फ्रीजर तक उपलब्ध नहीं हैं, जिसके चलते शवों से बदबू आने लगी है। मृतकों के परिजनों से 200-200 रुपये इकट्ठा कर बर्फ का इंतजाम किया जा रहा है। सिविल अस्पताल में शवों का अनादर देख अब लोग मृतकों को अस्पताल लाने के बजाय उनका सीधे अंतिम संस्कार ही कर रहे हैं।
तरनतारन में दो और अमृतसर में एक और मौत
तरनतारन में जहरीली शराब से सोमवार को दो और अमृतसर में एक और व्यक्ति की मौत हो गई। तरनतारन में मृतकों का आंकड़ा 82 पहुंच गया है। आशंका जताई जा रही है कि आंकड़ा 100 से पार हो सकता है। जहरीली शराब का सेवन करने से लोग तड़प-तड़प कर मर रहे हैं। शराब की मात्रा व्यक्ति की मृत्यु की सीमा तय करती है। यदि किसी ने ज्यादा मात्रा में इस जहरीली शराब का सेवन किया है तो उसकी 1 से 2 घंटे के भीतर मृत्यु हो गई और यदि किसी ने इस जहरीली शराब का कम मात्रा में सेवन किया है तो वह एक या दो दिन बाद तड़प-तड़प कर जान गंवा रहा है।
इस जहरीली शराब के सेवन से पहले व्यक्ति का गला जकड़ जाता है, उसके बाद उसकी आंखों की रोशनी चली जाती है और फिर धीरे-धीरे ब्लड प्रेशर के बढ़ने या कम होने के कारण व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है।
वहीं एसएसपी ध्रुमन निंबले ने बताया कि जिले में जहरीली शराब के कारण मरने वाले लोगों में से 41 लोगों का न तो पोस्टमार्टम हुआ है और न ही उनके सैंपल लिए गए हैं। ज्यादातर लोगों ने पुलिस को बिना सूचना दिए मृतकों का अंतिम संस्कार कर दिया। अब तक 82 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। तरनतारन में सबसे अधिक 17 लोगों की मौत जहरीली शराब पीने के कारण हुई है।
इसके अलावा 65 मृतक जिले के 14 अलग-अलग गांव से है। इस मामले में पुलिस लगातार जांच कर रही है। जिले में अब तक इस मामले में चार केस दर्जकर आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जिसमें एक महिला भी शामिल है। एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने अब तक 21000 लीटर लाहन और 24000 लीटर अवैध शराब बरामद की है।