उन्होंने कहा, ‘किसानों को किसी तरह उकसाए जाने की जरूरत नहीं है। भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र की तरफ से किसानों के साथ किए जा रहे सलूक से वह (किसान) पहले ही दुखी हैं। वह अपनी रोजी -रोटी और अस्तित्व को बचाने के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। लेकिन स्पष्ट है कि अश्विनी शर्मा जैसे भाजपा नेताओं को इसका कोई एहसास नहीं है।’
आतंकवाद के काले दिनों के दौरान भी केंद्र की तरफ से पंजाब में रेल यातायात मुअत्तल न होने को याद करते हुये मंत्रियों ने कहा कि रेलवे की तरफ से मौजूदा समय में अमन और कानून-व्यवस्था के कारण मालगाड़ियां न चलाना समझ से बाहर है। खासकर तब जब किसानों ने मालगाड़ियों को चलाने की अनुमति का एलान कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि ट्रेनों की सुरक्षा रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की जिम्मेदारी है और राज्य सरकार का इसमें कोई दखल नहीं है। मंत्रियों ने पूछा कि कैप्टन सरकार का रेल गाड़ियों के सुरक्षित यातायात से क्या संबंध है। उन्होंने आगे कहा कि यह कोई पहली बार नहीं है, जब किसी राज्य में किसानों ने रेल ट्रैक रोके हो, क्योंकि पिछले समय के दौरान भी सरकार चाहे कोई भी रही हो, ऐसी घटनाएं कई स्थानों पर होते रही हैं।