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कृषि कानून : पंजाब के मंत्रियों ने भाजपा को घेरा, किसानों को गुमराह करने का लगाया आरोप

Tue, 03 Nov 2020 01:22 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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किसान आंदोलन। - फोटो : फाइल फोटो
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पंजाब के कैबिनेट मंत्रियों ने सोमवार को मुख्यमंत्री पर आरोप लगाने के लिए भाजपा की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा की नेतृत्व घातक कृषि कानूनों के मुद्दे पर पूरी तरह हारने के बाद अपनी साख बचाने के लिए किसानों को गुमराह कर रहा है।

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साझा बयान में कैबिनेट मंत्रियों ने कहा कि केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के संबंध में न सिर्फ भाजपा पंजाब में किसानों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है बल्कि इस पार्टी के नेता और कार्यकर्ता भी अपने राजनैतिक लाभ के लिए कोरा झूठ फैलाने में लिप्त हैं। 

उन्होंने कहा कि हकीकत यह है कि भाजपा अपने राजनैतिक फायदे के लिए किसानों को मुख्यमंत्री के खिलाफ भड़काने की चालें चल रही है। भाजपा के पंजाब प्रधान अश्वनी शर्मा द्वारा मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ लगाए आरोपों पर सख्त प्रतिक्रिया करते हुए मंत्रियों ने कहा कि यह स्वाभाविक है कि भाजपा किसान विरोधी कृषि कानूनों के कारण केंद्र बिंदु बनी है। उसके नेता या तो किसानों के सरोकारों से अनजान हैं या फिर वह किसानों की परवाह नहीं करते।

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उन्होंने कहा, ‘किसानों को किसी तरह उकसाए जाने की जरूरत नहीं है। भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र की तरफ से किसानों के साथ किए जा रहे सलूक से वह (किसान) पहले ही दुखी हैं। वह अपनी रोजी -रोटी और अस्तित्व को बचाने के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। लेकिन स्पष्ट है कि अश्विनी शर्मा जैसे भाजपा नेताओं को इसका कोई एहसास नहीं है।’

आतंकवाद के काले दिनों के दौरान भी केंद्र की तरफ से पंजाब में रेल यातायात मुअत्तल न होने को याद करते हुये मंत्रियों ने कहा कि रेलवे की तरफ से मौजूदा समय में अमन और कानून-व्यवस्था के कारण मालगाड़ियां न चलाना समझ से बाहर है। खासकर तब जब किसानों ने मालगाड़ियों को चलाने की अनुमति का एलान कर चुके हैं।

उन्होंने कहा कि ट्रेनों की सुरक्षा रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की जिम्मेदारी है और राज्य सरकार का इसमें कोई दखल नहीं है। मंत्रियों ने पूछा कि कैप्टन सरकार का रेल गाड़ियों के सुरक्षित यातायात से क्या संबंध है। उन्होंने आगे कहा कि यह कोई पहली बार नहीं है, जब किसी राज्य में किसानों ने रेल ट्रैक रोके हो, क्योंकि पिछले समय के दौरान भी सरकार चाहे कोई भी रही हो, ऐसी घटनाएं कई स्थानों पर होते रही हैं। 
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