इस दौरान रीजनल डिजीज डायग्नोस्टिक लेबोरेटरी जालंधर और गुरु अंगद देव वेटर्नरी एंड एनिमल साइंस यूनिवर्सिटी लुधियाना में भी लैब शुरू की है। मंत्री सोनी ने लोगों को सलाह दी है कि वह बीमारी को लेकर घबराएं नहीं। बल्कि सावधान रहें और स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन का पूरी तरह पालन जरूर करें।
वहीं बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि बड़ी संख्या में कोरोना के केस सामने आ रहे हैं। यह बात अपने आप में दर्शाती है कि हम बड़े स्तर पर वायरस की टेस्टिंग कर रहे हैं। समय से टेस्ट होने के बाद पॉजिटिव लोगों को दूसरों से अलग किया जा रहा है। इससे इस बीमारी के फैलने की संभावना कम हो रही है।
चार विभागों ने मिलकर बनाई लैब
जानकारी के मुताबिक पंजाब देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है, जहां पर मेडिकल शिक्षा एवं खोज विभाग के अलावा राज्य के गृह विभाग मोहाली में फॉरेंसिक लैब, पशु पालन विभाग रीजनल डिजीज डायग्नोस्टिक लेबोरेटरी जालंधर और गुरु अंगद देव वेटर्नरी एंड एनिमल साइंस यूनिवर्सिटी लुधियाना और साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग पंजाब बायोटेक्नोलॉजी इन्कुबेटर को कोविड-19 टेस्ट के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। यह लैब 16 अति आधुनिक लैब में से एक है। इसमें रेफ्रीजरेटर, पूरी तरह आटोमेटिड बायोसेफ्टी कैबिनेट, रियल टाइम पीसीसी और स्पैकटोरियम शामिल है।
पंजाब में स्थापित की गई लैब में उपकरणों में एक करोड़ की लागत आई है। चार लैबों में कुल 83 अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। जिनमें माइक्रोबॉयोलॉजिस्ट, खोज सहायक, मेडिकल लैब टेक्नीशियन, डॉटा एंट्री ऑपरेटर एवं सहायक स्टाफ शामिल है। इस मौके पर एपीएस सतीश चंद्र, प्रमुख सचिव मेडिकल शिक्षा एवं खोज डीके तिवारी और उप कुलपति बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज डॉ. राज बहादुर शामिल रहे।
जालंधर में कोरोना टेस्टिंग लैब शुरू
चिकित्सक शिक्षा व अनुसंधान मंत्री ओपी सोनी ने सोमवार को कहा कोरोना पीड़ितों के सैंपल पहले फरीदकोट व अमृतसर भेजा जाता था। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के निर्देश पर सोमवार को मोहाली में 2, लुधियाना व जालंधर में 1-1 लैब का शुभारंभ किया गया है।
उन्होंने पत्रकारों से रूबरू होते हुए कहा कि इन शहरों में बढ़ते कोरोना के केस को देखते हुए इन शहरों में लैब बनाना बहुत जरूरी था। उन्होंने बताया जालंधर लैब में रोजाना एक हजार टेस्ट हो सकेंगे। इसके अलावा लुधियाना में भी एक हजार व मोहाली में 2 हजार टेस्ट होंगे।
मेडिकल कॉलेजों की तरफ से मनमानी फीस लेने के सवाल पर मंत्री सोनी ने कहा कि हमारी सरकार ने इस मामले में एक बिल पास करके फीस को तय किया है। हमने प्राइवेट कॉलेज की 4.5 साल की फीस 47 लाख व सरकारी कॉलेजों की पूरे कोर्स की फीस 7 लाख रुपये तय कर दी है। इस बारे में नोटिफिकेशन हो गया है, घबराने की जरूरत नहीं है।